विज्ञान-टेक्नॉलॉजी

Nokia 6 (2018) का रिव्यू

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Written by Taasir Newspaper

ख़ास बातें

  • स्नैपड्रैगन 630 प्रोसेसर से लैसे है नोकिया 6 (2018)
  • नोकिया 6 (2018) को रेडमी नोट 5 प्रो से मिल रही है मजबूत चुनौती
  • नोकिया 6 (2018) में ज़ाइस ऑप्टिक्स वाला 16 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है
एक समय मोबाइल की दुनिया की बादशाह मानी जाने वाली नोकिया ने अपनी चमक खो दी थी। फिर, इसे फिनलैंड की एक छोटी कंपनी एचएमडी ग्लोबल ने 2017 की शुरुआत में जिंदा किया। नोकिया ब्रांड ने इस बार एंड्रॉयड स्मार्टफोन की दुनिया को चुना। पहला हैंडसेट Nokia 6 था। बिल्ड क्वालिटी और डिज़ाइन के कारण इसकी तारीफ भी हुई, लेकिन कमज़ोर प्रोसेसर और औसत कैमरे ने कइयों को निराश भी किया। अब एक साल के बाद नया Nokia 6 (2018) आया है जो एक तरह से बीते साल वाले फोन का ही अपग्रेड है। लेकिन इस बार कंपनी ने पुरानी कमियों को दूर करने की कोशिश की है।क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 630 प्रोसेसर, ज़ाइस ऑप्टिक्स वाले कैमरे और बदले डिज़ाइन के दम पर Nokia 6 (2018)

अब Xiaomi Redmi Note 5 Pro (रिव्यू) और Moto G5S Plus (रिव्यू) जैसे स्मार्टफोन को चुनौती देगा। पहली नज़र में हमें इस हैंडसेट ने खासा प्रभावित किया था। अब हम इसके विस्तृत रिव्यू के साथ आए हैं।

Nokia 6 (2018) डिज़ाइन

पिछले साल के नोकिया 6 की बॉडी की जमकर तारीफ हुई थी। ऐसे में एचएमडी ग्लोबल ने पुरानी रणनीति पर ही बने रहने का फैसला किया है। इस बार भी बिल्ड क्वालिटी के साथ समझौता नहीं हुआ है। नोकिया 6 2018 को सीरीज़ 6000 एल्यूमीनियम के एक ब्लॉक से बनाया गया है और यह हाथों में बेहद ही मज़बूत होने का एहसास देता है।

रिव्यू के दौरान, हमारे हाथों से कई बार यह फोन गिरा। लेकिन इसे कोई नुकसान नहीं हुआ। हमने नोकिया के मजबूती के दावों को भी जांचा और परखा। इसके लिए स्मार्टफोन को मोड़ने की कोशिश की। और हम हर-बार विफल रहे। पुराने वेरिएंट की तरह Nokia 6 (2018) भी साल के सबसे मजबूत स्मार्टफोन की रेस में आगे है।

मजबूत बनावट के कारण कई चीजों से समझौता भी करना होगा। 8.5 मिलीमीटर मोटाई वाला यह स्मार्टफोन सबसे पतला विकल्प तो नहीं है। वहीं, डिस्प्ले के ऊपर और नीचे चौड़े बॉर्डर भी फोन को बल्की लुक देते हैं। लंबे समय तकएक हाथ से फोन इस्तेमाल करना सहूलियत भरा नहीं था। क्योंकि फोन थोड़ा चौड़ा है।

Nokia 6 (2018) तीन अलग टू-टोन फिनिश के साथ आता है। रियर कैमरे और फ्रेम के किनारे पर एक्सेंट डिजाइन को बेहतर बनाने का काम करते हैं।

पावर और वॉल्यूम बटन तक पहुंचना आसान है। इन्हें दायें किनारे पर जगह मिली है। बायें किनारे पर हाइब्रिड डुअल सिम स्लॉट के लिए जगह है। अफसोस कि यूज़र को दूसरे सिम कार्ड और माइक्रोएसडी कार्ड में से एक को चुनना होगा।

रियर कैमरा और डुअल एलईडी फ्लैश, फोन के मध्य में एक लाइन में मौज़ूद हैं। यहीं पर ज़ाइस की ब्रांडिंग है। फिंगरप्रिंट सेंसर को कैमरा सेटअप के नीचे जगह मिली है। यह थोड़ा धीमा है और कई बार रिस्पॉन्स नहीं देता। इस तक पहुंच पाना भी आसान नहीं है। रिव्यू के दौरान हम कई बार फिंगरप्रिंट सेंसर के बजाय एलईडी फ्लैश को छू रहे थे।

Nokia 6 (2018) स्पेसिफिकेशन

पिछले साल नोकिया 6 को थोड़े कमज़ोर स्नैपड्रैगन 430 प्रोसेसर से खासा नुकसान हुआ था। इस बार एचएमडी ग्लोबल ने ज़्यादा पावरफुल स्नैपड्रैगन 630 प्रोसेसर देने का फैसला किया है जिसकी सर्वाधिक क्लॉक स्पीड 2.2 गीगाहर्ट्ज़ है।

हार्डवेयर में और भी कई अपग्रेड हैं। माइक्रो-यूएसबी पोर्ट की जगह यूएसबी टाइप-सी पोर्ट ने ले ली है। नोकिया ने एंड्रॉयड वन का दामन थाम लिया है। इसका मतलब है, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट की गारंटी। पिछले साल के फ्लैगशिप स्मार्टफोन Nokia 8 के बोथी मोड और ओज़ो ऑडियो को इस मिडरेंज हैंडसेट का हिस्सा बनाया है।

जहां Xiaomi अपने स्मार्टफोन के कई वेरिएंट उपलब्ध कराती है। इस बार नोकिया ने ज़्यादा प्रयोग नहीं किया है। अभी Nokia 6 (2018) के सिर्फ एक वेरिएंट को पेश किया गया है। यह 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज से लैस है। ज़रूरत पड़ने पर माइक्रोएसडी कार्ड भी इस्तेमाल करना संभव होगा। वैसे, आने वाले समय में इस फोन का नया वेरिएंट भी आएगा।

कंपनी ने इस बार ज़ाइस ऑप्टिक्स को मिडरेंज स्मार्टफोन में देने का फैसला किया है। कैमरा सेटअप की बात करें तो नोकिया 6 (2018) में ज़ाइस ऑप्टिक्स वाला 16 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है जो डुअल-टोन एलईडी फ्लैश और एफ/2.0 अपर्चर के साथ आता है। वहीं, फ्रंट पैनल पर फिक्स्ड फोकस वाला 8 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। यह एफ/2.0 अपर्चर से लैस है।

बैटरी क्षमता में कोई बदलाव नहीं है। हालांकि, 3000 एमएएच वाली बैटरी अब फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, ब्लूटूथ 5.0, वाई-फाई 802.11एसी, एफएम रेडियो, जीपीएस/ ए-जीपीएस, यूएसबी टाइप-सी और 3.5 एमएम हेडफोन जैक शामिल हैं।

Nokia 6 (2018) परफॉर्मेंस, कैमरे और बैटरी लाइफ

Nokia 6 स्लीक और खूबसूरत दिखने वाला स्मार्टफोन है, लेकिन इसका पावर लुक के साथ नहीं जाता था। लेकिन स्नैपड्रगैन 630 प्रोसेसर आ जाने के बाद Nokia 6 (2018) की बात ही कुछ और हो गई है। रिव्यू के दौरान हमने पाया कि फोन ने बेहद ही आसानी से हर टास्क को परफॉर्म किया।

पावरफुल गेम खेलते वक्त भी नोकिया 6 (2018) को बहुत ज़्यादा दिक्कत नहीं हुई। Asphalt 8 जैसे पावरफुल गेम भी फोन पर बिना किसी दिक्कत के चलते हैं। अच्छी बात यह भी है कि पावरफुल गेम खेलते वक्त या फुल-एचडी वीडियो रिकॉर्ड करते वक्त भी नोकिया 6 (2018) बहुत ज़्यादा गर्म नहीं होता। हमने नोकिया 6 (2018) की बेंचमार्क टेस्टिंग की है और इसे सम्मानजनक स्कोर मिले।

5.5 इंच की एलसीडी स्क्रीन पर कलर्स पंची लगते हैं और ब्राइटनेस भी ज़्यादा है। हालांकि, व्यूइंग एंगल बेहतर हो सकते थे।

हमारे अनुभव में कॉल क्वालिटी भी अच्छी थी। कमज़ोर नेटवर्क वाले इलाकों में भी 4जी कनेक्टिविटी मजबूत थी। निचले हिस्से में सिर्फ एक स्पीकर देखकर हमें निराशा हुई। पिछले साल वाले नोकिया 6 में स्टीरियो स्पीकर दिए गए थे। आवाज़ की क्वालिटी औसत है और कई बार लैंडस्केप मोड में फोन इस्तेमाल करते वक्त स्पीकर हथेलियों के नीचे आ जाते हैं। साथ में दिया गया ईयरफोन बेहद ही औसत क्वालिटी का है।

पिछले साल एचएमडी ग्लोबल ने अपने फोन को अलग पहचान देन के लिए स्मार्टफोन में स्टॉक एंड्रॉयड देने की कोशिश की थी। अब कंपनी ने गूगल के एंड्रॉयड वन प्रोग्राम का दामन थामा है। इस वजह से Nokia 6 (2018) में कोई भी अनचाहा ऐप नहीं है। आपको ग्लांस स्क्रीन नाम का फीचर मिलेगा जो मिस्ड कॉल, अलार्म और मेल वा मैसेज के नोटिफिकेशन लॉक स्क्रीन में दिखाता है। HMD Global ने वादा किया है कि Nokia 6 को इस साल एंड्रॉयड पी का अपडेट मिलेगा और अगले साल एंड्रॉयड क्यू का।

Nokia 6 (2018) बिल्ट इन फेस रिकग्निशन के साथ आता है। पर्याप्त रोशनी में फेस अनलॉक ठीक काम करता है। लेकिन कम रोशनी और सूरज की रोशनी में इसे दिक्कत होती है।

हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में नोकिया 6 (2018) की बैटरी 11 घंटे 45 मिनट तक चली। इसकी तारीफ होनी चाहिए। दैनिक इस्तेमाल में बैटरी ने एक दिन से ज़्यादा वक्त तक साथ दिया। हमारे टेस्ट में नोकिया 6 (2018) फोन की बैटरी 30 मिनट में 40 फीसदी चार्ज हो जाती है।

Nokia 6 (2018) कैमरे

नोकिया 6 (2018) की कैमरा परफॉर्मेंस ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसा है। ज़ाइस आप्टिक्स होने के बाद भी कम रोशनी में परफॉर्मेंस बेहतर नहीं हुई है। कम रोशनी में 16 मेगापिक्सल के रियर कैमरे से ली गई तस्वीरों में नॉयज़ होती है और डिटेल की कमी भी साफ झलकती है। है। विपरीत लाइटनिंग परिस्थितियों में ऑटोफोकस भी कमज़ोर पड़ जाता है।

पर्याप्त रोशनी में कैमरा दमखम के साथ परफॉर्मेंस देता है। ज़्यादातर मौकों पर यह सही एक्सपोज़र हासिल करने में कामयाब होता है और डिटेल के साथ तस्वीरों को कैपचर करता है। इंडोर में भी पर्याप्त रोशनी रहने पर तस्वीरें क्रिस्प और डिटेल के साथ आईं। डुअल-एलईडी फ्लैश से तस्वीरें कैपचर करने में मदद मिलती है। कलर रीप्रोडक्शन इस फोन का सबसे मजबूत पहलू नहीं है।

अच्छी बात यह है कि इसमें पावरफुल प्रोफेशनल मोड है। इसकी मदद से आप एक्सपोज़र, आईएसओ, शटर स्पीड, व्हाइट बैलेंस और ऑटोफोकस को नियंत्रित कर पाएंगे। सेटिंग्स में बदलाव करके हम सटीक कलर्स पाने में सफल रहे। हमें उम्मीद है कि नोकिया सॉफ्टवेयर अपडेट के ज़रिए ऑटो मोड को बेहतर बनाएगी।

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