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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर की हत्या के आरोपी आर्मी जवान की मां बोली- अगर जीतू दोषी, तो खुद मार दूंगी गोली

army mother
Written by Taasir Newspaper

Taasir Urdu News Network | Uploaded on 07-November-2018

नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा मामले (bulandshahr violence) में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या का शक जिस आर्मी जवान जीतू फौजी (जितेंद्र मलिक) पर लग रहा है, उसकी मां इस आरोप से इनकार कर रही हैं. जम्मू-कश्मीर में तैनात आर्मी जवान जीतू उर्फ फौजी के उपर इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का आरोप लगने की खबरों के बाद उसकी मां ने कहा एनडीटीवी से कहा कि घटना के दिन उनका बेटा जीतू गांव में मौजूद नहीं था, अगर जीतू दोषी पाया जाता है तो वह खुद उसे गोली मार देंगी. उनका यह भी कहना है कि उनके पति से पुलिस ने जबरदस्ती दबाव डालकर ये बातें उगलवाई हैं.

एनडीटीवी से बातचीत में आरोपी जीतू यानी जितेंद्र मलिक की मां ने कहा कि – ‘अगर जीतू दोषी पाया जाता है तो मैं उसे गोली मार दूंगी. मेरे पति पर दबाव डालकर कबूल करवाया गया है. मेरा बेटा वहां मौजूद नहीं था. पुलिस ने मेरे परिवार से बदसलूकी की . घर के सारे सामान को तहस-नहस कर दिया. मेरे पति को जबरन उठाकल पुलिस ले गई.’ हालांकि, बताया जा रहा है कि जीतू के पिता ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि घटना के समय जीतू घटनास्थल पर ही था. पुलिस ने जीतू के आसपास के गांव वालों से भी कंफर्म किया है. वीडियो को 13 लोगों को दिखाने के बाद ही यह पक्का हुआ कि घटना के समय जीतू फौजू मौके पर था.

दरअसल, यूपी पुलिस के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक स्थानीय, आरोपी और मौके पर मौजूद रहे लोगों से पूछताछ पर जीतू फौजी का नाम सामने आया है. उसे पकड़ने के लिए दो टीमें निकल चुकी हैं, लेकिन हम लोकेशन इसलिए नहीं बता सकते क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है. जब हम जीतू को पकड़ लेंगे और पूछताछ कर लेंगे तब बता पाएंगे कि क्या वाकई में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या जीतू फौजी ने ही की है. हालांकि, यह हमारी शुरुआती लीड है. हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जीतू को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें जम्मू-कश्मीर गई हैं. एक टीम यूपी एसटीएफ की है और दूसरी यूपी पुलिस की. बताया जा रहा है कि आरोपी जीती फौजी आर्मी का जवान है.

दरअसल, पुलिस ये पुख़्ता तौर पर कह रही है कि जीतू उर्फ फौजी घटना में शामिल था. इसलिए उसे नामजद किया गया है. सुबोध कुमार को गोली जीतू फ़ौजी ने मारी या नहीं इस पर सवाल है. जीतू उर्फ फ़ौजी घटना के तुरंत बाद भागकर अपना बटालियन चला गया. जीतू का भाई धरमेंद्र भी आर्मी में है और वह पूणे में तैनात है. पुलिस ने जीतू के पिता राजपाल से पूंछताछ की, जिसमें से पता चला कि घटना के दिन जीतू उर्फ फौजी गांव में ही था.

पुलिस का कहना है कि बिलकुल महाव गांव के ही खेत में गाय का मांस मिला था. पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज कराया है, उसमें जीतू फौजी का भी नाम है. घटना के वक्त जीतू दिखा भी था, मगर उसके बाद वह तुरंत जम्मू-कश्मीर फरार हो गया.

जीतू घटना के वक्त मौके पर था. कई वीडियो में इसे देखा गया है. घटना के बाद जम्मू कश्मीर भाग गया था. यूपी पुलिस बीएसएफ़ के संपर्क में है और आज जीतू की गिरफ्तारी भी हो सकती है. हालांकि, सुमित नामक लड़के की मौत किसकी गोली से हुई है, अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है. इससे पहले मेरठ जोन के आईजी राम कुमार ने एनडीटीवी से कहा था कि उन्हें अभी तक इंस्पेक्टर सुबोध सिंह पर गोली चलाने वाले शख्स के बारे में जानकारी नहीं मिली है, जैसे ही सूचना मिलेगी पुलिस कार्रवाई करेगी.

बता दें कि बीते दिनों बुलंदशहर में गोकशी के शक में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक आम नागरिक सुमित की मौत हो गई थी. बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस की एफआईआर में बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया है. हालांकि, अभी तक योगेश राज भी फरार है. मगर सुबोध कुमार सिंह की मौत का आरोप अब जीतू फौजी पर लगा है. बताया जा रहा है कि इसकी गिरफ्तारी से कई सारी बातें सामने आ सकती हैं.

वहीं पुलिस में एक और एफआईआर दर्ज कराई गई है. यह एफआईआर गोकशी मामले में है. बजरंग दल के योगेश राज ने यह एफआईआर दर्ज कराई है. इसमें सात मुस्लिमों के नाम हैं, जिनमें से एक नाबालिग है. यूपी पुलिस योगेश राज की तलाश कर रही है. हालांकि, योगेश राज ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह घटना के वक्त घटनास्थल पर नहीं था और उसने गोली नहीं चलाई है.

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