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बुलंदशहर हिंसा में आर्मी जवान पर इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का शक, पुलिस की दो टीमें जम्मू-कश्मीर रवाना: सूत्र

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Written by Taasir Newspaper

Taasir Urdu News Network | Uploaded on 07-November-2018

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर भीड़ हिंसा (Bulandshahr) मामले में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह (Subodh Kumar Singh) की हत्या को लेकर अब बड़ी खबर आई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या एक आर्मी जवान ने की है, जिसका नाम जीतू फौजी है. जीतू का पूरा नाम जितेंद्र फौजी है.  सूत्रों की जानकारी के मुताबिक, ऐसा शक जताया जा रहा है कि छुट्टी पर जम्मू-कश्मीर से घर आए जीतू उर्फ फौजी की गोली से ही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत हुई है. हालांकि, पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है कि जीतू ने ही इंस्पेक्टर की हत्या की है, मगर पुलिस को पहला शक उसी पर है. पुलिस का कहना है कि वह उस दिन घटनास्थल पर कई बार देखा गया. बता दें कि इस मामले में जो पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है उसमें मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज है. हालांकि, इसमें 27 लोग नामजद हैं.

यूपी पुलिस के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, स्थानीय, आरोपी और मौके पर मौजूद रहे लोगों से पूछताछ पर जीतू फौजी का नाम सामने आया है. उसे पकड़ने के लिए दो टीमें निकल चुकी हैं, लेकिन हम लोकेशन इसलिए नहीं बता सकते क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है. जब हम जीतू को पकड़ लेंगे और पूछताछ कर लेंगे तब बता पाएंगे कि क्या वाकई में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या जीतू फौजी ने ही की है. हालांकि, यह हमारी शुरुआती लीड है. हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जीतू को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें जम्मू-कश्मीर गई हैं. एक टीम यूपी एसटीएफ की है और दूसरी यूपी पुलिस की. बताया जा रहा है कि आरोपी जीती फौजी आर्मी का जवान है.

दरअसल, पुलिस ये पुख़्ता तौर पर कह रही है कि जीतू फौजी घटना में शामिल था. इसलिए उसे नामजद किया गया है. सुबोध कुमार को गोली जीतू फ़ौजी ने मारी या नहीं इस पर सवाल है. जीतू फ़ौजी घटना के तुरंत बाद भागकर अपना बटालियन चला गया. जीतू का भाई धरमेंद्र भी आर्मी में है और वह पूणे में तैनात है. पुलिस ने जीतू के पिता राजपाल से पूंछताछ की, जिसमें से पता चला कि घटना के दिन जीतू गांव में ही था.

पुलिस का कहना है कि बिलकुल महाव गांव के ही खेत में गाय का मांस मिला था. पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज कराया है, उसमें जीतू फौजी का भी नाम है. घटना के वक्त जीतू दिखा भी था, मगर उसके बाद वह तुरंत जम्मू-कश्मीर फरार हो गया.

जीतू घटना के वक्त मौके पर था. कई वीडियो में इसे देखा गया है. घटना के बाद जम्मू कश्मीर भाग गया था. यूपी पुलिस बीएसएफ़ के संपर्क में है और आज जीतू की गिरफ्तारी भी हो सकती है. हालांकि, सुमित नामक लड़के की मौत किसकी गोली से हुई है, अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है. इससे पहले मेरठ जोन के आईजी राम कुमार ने एनडीटीवी से कहा था कि उन्हें अभी तक इंस्पेक्टर सुबोध सिंह पर गोली चलाने वाले शख्स के बारे में जानकारी नहीं मिली है, जैसे ही सूचना मिलेगी पुलिस कार्रवाई करेगी.

बता दें कि बीते दिनों बुलंदशहर में गोकशी के शक में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक आम नागरिक सुमित की मौत हो गई थी. बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस की एफआईआर में बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया है. हालांकि, अभी तक योगेश राज भी फरार है. मगर सुबोध कुमार सिंह की मौत का आरोप अब जीतू फौजी पर लगा है. बताया जा रहा है कि इसकी गिरफ्तारी से कई सारी बातें सामने आ सकती हैं.

वहीं पुलिस में एक और एफआईआर दर्ज कराई गई है. यह एफआईआर गोकशी मामले में है. बजरंग दल के योगेश राज ने यह एफआईआर दर्ज कराई है. इसमें सात मुस्लिमों के नाम हैं, जिनमें से एक नाबालिग है. यूपी पुलिस योगेश राज की तलाश कर रही है. हालांकि, योगेश राज ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह घटना के वक्त घटनास्थल पर नहीं था और उसने गोली नहीं चलाई है.

 

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