राजनीति

इस कलयुग की रावण हैं ममता बैनर्जी- ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि

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Written by Taasir Newspaper

पश्चिम बंगाल में रामनवमी जुलूस को रोके जाने पर भ₹के ऊर्जा गुरु
भीम आर्मी संस्थापक चन्द्रशेखर रावण को भी लिया आड़े हाथों
कहा धर्म और जाति को नाम पर राजनीति करने वाले सुधार जाएं
उज्जैनए 15 अप्रैल 2019ः महामना आचार्य श्री कुशाग्रनंदी जी महाराज के आत्मीय शिष्य ऊर्जा गुरु श्री अरिहंत
ऋषि जी महाराज ने सोमवार को होटल समयए वासवानी प्लाजाए फ्रीगंजए उज्जैन में आयोजित हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस
में ष्उज्जैन बने आदर्श पवित्र नगरीष् की मांग के प्रति आंदोलनकारी रुख अपनाने की बात कही। इसके अतिरिक्त
पश्चिम बंगाल में राम नवमी का जुलूस रोके जाने से गुस्साए ऊर्जा गुरु ने मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को खूब खरी
खोटी सुनाई। सोमवार को महाकाल की नगरी पहुंचे अरिहंत ऋषि ने कहा किए श्रामनवमी के जुलूस को रोकने
वाले और राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग भारत में पैदा होकर भी रावण की सिफारिश करते हैं और
जिन ममता बैनर्जी ने श्रीराम के जुलूस को रोकने का प्रयास किया है वह इस कलयुग की रावण अवतार हैं।श्
उन्होंने आगे कहा किए श्पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को ये भी याद रखना चाहिए कि जिस प्रकार श्रीराम के
साथए हनुमान जी की वानर सेना ने लंका पर विजय प्राप्त की थीए उसी तरह हम भी उनकी लंका ढहा देंगें।श्
इतना ही नहींए ऊर्जा गुरु नेभीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को भी आड़े हाथों लिया। पत्रकारों से
बातचीत के दौरान उन्होंने कहा किए ष्आज देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो राम के नाम पर बात करेंए
रामराज्य स्थापित करने का स्वप्न देखे और उसे साकार करने के लिए कदम बढ़ाए। लेकिन कुछ लोगाें का पैशन
है अपने नाम के आगे रावण लगाना। इससे वह खुद को महात्मा समझने लगते हैं। उन्हें ये याद रखना चाहिए कि
रावण का कोई वजूद नहीं है और श्रीराम एक ऐसे संस्कृति महापुरुष हैं जिनके नाम पर पूरा विश्व जाना जाता है।ष्
इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश में आईटी डिपार्टमेंट की छापेमारी का जिक्र करते हुए ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई
करने की बात भी कही जिनके ठिकानों से बेनामी संपत्ति जब्त की गई है। ऊर्जा गुरु के अनुसारए ष्हमें बाहरी देशों
में जमा काले धन से ज्यादा चिंता देश की मासूम जनता के साथ गद्दारी करने वाले नेताओं के पास जमा पैसों की
होनी चाहिए। ऊर्जा गुरु का मानना है कि नेताओं के पास दबा काला धन यदि बाहर आ जाता है ताे किसी भी
सरकार को देश से 15 लाख देने का झू ठा वादा नहीं करना पड़ेगा।
पिछले लंबे समय से उज्जैन को पवित्र नगरी बनाए जाने की मांग कर रहे ऊर्जा गुरु ने मध्यप्रदेश शासन से इस
विषय पर अति शीघ्र विचार करने का आग्रह किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र लेख भी भेजा
गया है। ऊर्जा गुरु के अनुसारए यदि सूबे का प्रशासन इस ओर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं करता है ताेइसे
देशव्यापी रूप से एक व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित किए जाने की मांग कर रहे ऊर्जा गुरु का मानना है किए भारत में सात ऐसे शहर
है जहाँ की भूमि को पवित्र उत्तम फल देने वाला माना गया है। इन शहरों में एक नाम उज्जैन शहर का भी आता
है। भगवान् महावीर की तपस्थली रही उज्जैन नगरी को विश्वभर में महाकाल की नगरी के रूप में जाना जाता है।
इस लिहाज से दुनियाभर से पर्यटक उज्जैन भगवन महाकाल के दर्शन करने पहुंचते है। उन्होंने कहा किए यदि
उज्जैन में मंदिर परिसर के समीप मीट मांस और मदिरा जैसी दुकानें हाेती हैं तो यह कहीं न कहीं आस्था और
स्थान की पवित्रता के साथ खिलवाड़ है। यहां शुद्धता का विशेष खयाल रखा जाना चाहिए। साफ सफाई के
साथ.साथ सात्विक भाेजन और सात्विक आचरण को बढ़ावा देने की तरफ ध्यान देना चाहिए।  For more Information Contact
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