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ट्रंप ने पेश की नई नीति, अमेरिका में अब ग्रीन कार्ड की जगह बिल्ड अमेरिका वीजा सिस्टम

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Written by Taasir Newspaper

Taasir Hindi News Network | Uploaded on 18-May-2019

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संसद में ग्रीन कार्ड की जगह नई आव्रजन योजना ‘बिल्ड अमेरिका’ वीजा का प्रस्ताव रखा है. ये नई आव्रजन योजना योग्यता और मैरिट पर आधारित होगी. इससे ग्रीन कार्ड या स्थायी वैध निवास की अनुमति का इंतजार कर रहे भारतीयों समेत अन्य विदेशी पेशेवरों और कुशल श्रमिकों को फायदा होगा. फिलहाल, डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन में विवाद के चलते संसद में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना कठिन लग रहा है. अमेरिका हर साल करीब 11 लाख विदेशियों को ग्रीन कार्ड देता है. इसके तहत इन लोगों को अमेरिका में स्थायी रूप से काम करने और रहने की अनुमति होती है. वर्तमान में 66 प्रतिशत ग्रीन कार्ड परिवार से संबंध के आधार पर दिया जाता रहा है. सिर्फ 12 प्रतिशत लोगों को ही योग्यता के आधार पर यह कार्ड देने की अनुमति थी. इस प्रस्ताव में वीजा कोटा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 57 प्रतिशत करने की बात कही गई.

 

ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि वे इस नए प्रस्ताव के तहत बड़ा बदलाव चाहते हैं. इससे योग्यता को भी वरियता मिलेगी. व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका हमेशा से ही विदेशियों का स्वागत करने वाला देश रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा. ‘बिल्ड अमेरिका’ वीजा के तहत ग्रीन कार्ड के लिए विदेशियों को इंग्लिश भाषा सीखनी होगी. साथ ही नागरिक शास्त्र की परीक्षा भी पास करनी होगी. यह प्रस्ताव अभी संसद में है और इसको कांग्रेस की मंजूरी मिलना मुश्किल लग रहा है. संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है, जबकि सिनेट में रिपब्लिकन का नियंत्रण है. दोनों पार्टियों के नेता इस प्रस्ताव को लेकर आपस में बंटे हुए हैं.

 

यह नई योजना ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर की है. यह योजना मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है. ट्रम्प ने कहा कि हम उन लोगों को मौका देना चाहते हैं, जो नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी समझते हों. इस नई नीति का उद्देश्य योग्यता, उच्च डिग्री धारक और पेशेवेर योग्यता रखने वालों के लिए स्थायी सदस्यता जैसे नियम सरल करना है.

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