राजनीति

कोर्ट में पेश किए गए पी चिदंबरम, सीबीआई ने 5 दिन की रिमांड मांगी

Mumbai: Congress party leader P Chidambaram during an event at Indian Merchants' Chamber in Mumbai on Saturday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad(PTI3_11_2017_000183A)
Written by Taasir Newspaper

Taasir Hindi News Network | Uploaded on 22-August-2019

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया. चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल, जबकि सीबीआई की तरफ से तुषार मेहता ने कोर्ट में बहस किया. सीबीआई ने 5 दिन की रिमांड की मांग की है. चिदम्बरम कोर्टरूम में कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी से भी बात की. चिदंबरम के बेटे कार्ति भी कोर्ट में मौजूद हैं. सीबीआई ने कोर्ट से कहा, गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद उन्हें अरेस्ट किया. दूसरे आरोपियों के आमने सामने बिठाकर पूछताछ करनी है. चिदम्बरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. सीबीआई का कहना है कि चिदंबरम ने पूरे दस्तावेज नहीं दिए बार-बार कहने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए.

सीबीआई ने कोर्ट को हाईकोर्ट का आदेश सौंपा. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि ”हाईकॉर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज़ कर दी है. इस केस में चार्जशीट अभी फ़ाइल नहीं हुई है. हम प्री चार्जशीट स्टेज पर हैं, हमें कुछ दस्तावेजों का इंतज़ार है. आरोपी सवालों से बचता रहा है. इनकी कस्टोडियल इंटेरोगेशन की जरूरत है.” सीबीआई ने कोर्ट में केस डायरी सौपीं. अज्ञात अधिकारियों ने अपनी पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया. INX मीडिया ने पैसा और ब्याज कंपनी को दिया. इंद्राणी मुखर्जी ने 50 लाख डॉलर दिए. पूछताछ में ही सही जानकारी मिल पाएगी. इसमें पूरी एक मनी ट्रेल है. फिलहाल सीबीआई की दलीलें पूरी हो चुकी है.

पी चिदंबरम की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा, इस केस में आरोपी कार्ति हैं, जिन्हें 23 मार्च में 2018 को बेल मिल चुकी है. दूसरे आरोपी भास्कर रमन को इसी कोर्ट अग्रिम जमानत मिल चुकी है. हाइकोर्ट के जजमेंट से ऐसा लगता है कि एक ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार हो चुकी है. इसलिए ऐसा लगता है जांच पूरी हो चुकी है. इस केस में सरकार के 6 सचिवों ने FIPB अप्रूवल दिया, उनमें से कोई गिरफ्तार नहीं किया गया. इन लोगों ने FIPB को अप्रूव किया, उसके बाद वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दी.

कपिल सिब्बल ने बहस में आगे कहा, 10 साल बाद केस दर्ज किया गया. चिदम्बरम से सीबीआई ने अभी तक सिर्फ एक बार पूछताछ की. चिदंबरम कभी पूछताछ से कभी नहीं भागे. अगर चिदम्बरम सवालों से बच रहे हैं तो सीबीआई उन सारी बातों को कोर्ट में रखे.

कपिल सिब्बल ने कोर्ट के सामने कहा, चिदम्बरम से 12 सवाल पूछे गए, जिनमें 6 के जवाब चिदम्बरम पिछली पूछताछ में दे चुके है. कल अरेस्ट होने से लेकर आज 11 बजे तक सीबीआई ने कोई पूछताछ नहीं की, जबकि चिदम्बरम ने बार-बार पूछताछ के लिए कहा. ये केस दस्तावेजों पर आधारित है. अगर पैसा मिला है तो वो किसी अकाउंट में गया होगा, वो कौन सा अकॉउंट है, किसने पैसा दिया, कब दिया? 5 मिलियन डॉलर कहां पर दिया गया? सिब्बल ने जज से कहा कि केस डायरी में देख लीजिए अगर ऐसा कहीं कुछ लिखा है तो.

बता दें, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की बीती रात सीबीआई के हेडक्वार्टर के गेस्ट हाउस में गुजरी. सीबीआई ने उन्हें बुधवार शाम को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीबीआई के हेडक्वार्टर लाया गया था, जहां रात में उन्हें गेस्ट हाउस के ‘सुइट-3’ में रखा गया.  अधिकारियों ने कहा कि उच्च सुरक्षा वाले आरोपियों की उचित सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अतिथि गृह में रखना एजेंसी के लिए सामान्य बात है. चिदबंरम साल 2011 में जब गृहमंत्री थे, उसी वक्त इस मुख्यालय के उद्घाटन में वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पहुंचे थे. वह विशेष अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने मनमोहन सिंह के साथ पूरे इमारत का जायजा लिया था.

गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया से संबंधित मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार रात उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि चिदंबरम को बुधवार रात करीब 10 बजे सीबीआई मुख्यालय लाया गया. उनके साथ जांच टीम के कई सदस्य मौजूद थे. अधिकारियों ने कहा कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल के एक डॉक्टर द्वारा पूरी चिकित्सा जांच के बाद उन्हें कमरे में ले जाया गया, जहां उन्होंने रात बिताई. उन्होंने बताया कि सीबीआई अधिकारियों द्वारा पूछे कुछ सवालों के जवाब देने के अलावा अधिकतर समय वह चुप ही रहे.

इस मामले में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी आरोपी हैं. कार्ति ने इस मामले में 23 दिन जेल में में काटे थे. कार्ति की गिरफ्तारी इंद्राणी द्वारा ईडी को दिये गए बयान के आधार पर हुई थी. उसने कहा था कि एफआईपीबी मंजूरी में हुए उल्लंघन को कथित तौर पर रफा-दफा करने के लिये 10 लाख डॉलर की कार्ति की मांग को दंपति ने स्वीकार कर लिया था. इंद्राणी आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व निदेशक है.

इंद्राणी 11 जुलाई को सीबीआई मामले में इकबालिया गवाह बन गई थी. पीटर मुखर्जी और इंद्राणी का नाम आईएनएक्स मीडिया द्वारा प्राप्त धन के लिये 2007 में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अवैध तरीके से मंजूरी हासिल करने से संबंधित मामले में सामने आया था.

About the author

Taasir Newspaper