राजनीति

सिख नरसंहार के दोषियों को बचाने की कांग्रेसी साजिश का हुआ पर्दाफाश: राजीव रंजन

Rajiv Ranjan
Written by Taasir Newspaper

Taasir Hindi News Network | Uploaded on 17-Jan-2020 

पटना: सिख नरसंहार पर आयी धींगड़ा समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने कहा “ 84 में हुए सिख नरसंहार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस एस एन धींगड़ा समिति की रिपोर्ट ने कांग्रेस के चेहरे पर चढ़े सेकुलरिज्म के मुखौटे को पूरी तरह नोंच लिया है. इस रिपोर्ट में ऐसे-ऐसे खुलासे किये गये हैं जिससे साफ़ पता चलता है कि कांग्रेस ने न केवल इस नरसंहार के दोषियों को संरक्षण दिया बल्कि उनके खिलाफ कोई कारवाई भी नहीं की. रिपोर्ट में मुख्य निष्कर्ष ये है कि इस नरसंहार की सही जांच की ही नहीं गयी. सत्ता की शह पर हुए इस अमानवीय नरसंहार में करीब 3,000 सिखों को जिंदा जलाया गया, उनके घरों को लूटा गया, जलाया गया जिस पर तब के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने यह कह कर कि ‘जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’ इसका समर्थन किया था. रिपोर्ट में एक उदाहरण देते हुए बताया गया है कि सुल्तानपुर में दंगों से संबंधित करीब 500 घटनाएं हुईं. इसमें सैकड़ों लोग मारे गए, घर जलाए गए, लूटपाट हुई. लेकिन 500 घटनाओं की सिर्फ एक ही एफआईआर हुई और एक एफआईआर की जांच के लिए सिर्फ एक ही कर्मचारी लगाया गया. इसके अलावा 1985 में रंगनाथ मिश्र आयोग के समक्ष हजारों सिखों ने अपने हलफनामे दायर किये जिसमे इस दंगे के आरोपियों के बारे में विवरण दिया गया. लेकिन कांग्रेस इन्हें 6-7 साल तक लटकाए रखा और बाद में इसे एक साधारण एफआइआर में बदल दिया. बाद में लेट होने के कारण सभी आरोपी रिहा हो गये. इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस यह अच्छे से जानती थी इस नरसंहार में उसी के लोग शामिल थे और अगर इसकी जांच की जाती तो इसकी आंच कांग्रेस पार्टी के कई बड़े चेहरों को बेनकाब कर सकती थी. आज भी इस दंगे के मुख्य आरोपियों में से एक कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री हैं तो दूसरा कांग्रेस की वर्किंग कमेटी में  सदस्य है. इस तरह से कांग्रेस ने हमेशा से सिख कातिलों को बचाने का काम किया है. कांग्रेस यह जान ले कि वह कितनी भी कोशिश कर ले 84 दंगे के कातिल बचने वाले नहीं है. भाजपा इस दंगे के पीड़ितों को न्याय दिलवा के ही रहेगी

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