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कोलकाता के वंडरर्स ने ‘रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव 2020 नेशनल फाइनल्‍स’ के लिये क्‍वालिफाई किया

Written by Taasir Newspaper
कोलकाता, 25 फरवरी: रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव’ पूरी दुनिया में जाना-माना फाइव-ऑन-फाइव फुटबॉल टूर्नामेंट है। कोलकाता शहर के क्‍वालिफायर्स के लिये यह 23 फरवरी 2020 को जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता में शुरू हो चुका है। शहर के क्‍वालिफायर्स ने 96 से ज्‍यादा टीमों को अपना सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए देखा। फाइनल मैच में, वंडरर्स ने खेपर्स एफसी  पर अपनी जीत दर्ज की और स्‍थान बनाने के लिये गोल्डन गोल से गेम जीता। यह टीम अप्रैल 2020 के नेशनल फाइनल में कोलकाता का प्रति‍निधित्‍व करेगी।
रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव 2020’ सिटी क्‍वालिफायर्स देश के 18 शहरों में 8 मार्च तक चलेगा, जिसमें मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, इंदौर, दिल्‍ली, जयपुर, चंडीगढ़, लखनऊ, गुवाहटी, कोलकाता, आइजॉल, शिलॉन्‍ग, भुवनेश्‍वर, बेंगलुरू, हैदराबाद, चेन्‍नई और कोच्चि शामिल है। इस साल सिटी क्‍वालिफायर्स के इस संग्राम में नये शहरों में इंदौर और लखनऊ को शामिल किया गया है। जीतने वाली टीम अप्रैल 2020 में आयोजित होने वाले ‘रेड बुल नेमार जूनियर्य फाइव’ के नेशनल फाइनल्‍स में  मुकाबला करेगी। यह जुलाई महीने में ब्राजील में होने वाले ‘रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव 2020 वर्ल्‍ड फाइनल्‍स’ में जीत हासिल करने का एक मौका है। लोकेशन और प्रतियोगियों की संख्‍या को देखते हुए यह देश में सबसे बड़ा 5-ए-साइड फुटबॉल टूर्नामेंट है।
रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव ब्राजीलियन स्टार का सिग्नैचर फाइव-ए-साइड टूर्नामेन्ट है, जिसमें विश्व के सभी कोनों के 16 से 25 वर्षीय खिलाड़ी अपनी फुटबॉल का जश्न मनाने के लिये एकत्र होते हैं। यह एक तेज, तकनीकी और मजेदार प्रतियोगिता है, जिसमें पाँच खिलाड़ियों की गोलकीपर रहित दो टीमें 10 मिनट का खेल दिखाती हैं, ताकि नेमार जूनियर को प्रभावित कर सकें। इस रोमांचक खेल की रोचक बात यह है कि एक टीम द्वारा एक गोल करने पर दूसरी टीम का एक खिलाड़ी मैदान से बाहर हो जाता है। अधिकतम खिलाड़ियों वाली टीम विजयी होती है। यह टूर्नामेन्ट इस विश्वास पर आधारित है कि फुटबॉलर बड़े क्लबों के बड़े स्टेडियमों में कुशलता नहीं पाते हैं। उनकी यात्रा की शुरूआत गलियों से होती है, उनके दोस्तों के साथ, जैसा नेमार जूनियर के साथ हुआ था। गलियों में उनकी बाधा विरोधी टीम के डिफेंडर नहीं, बल्कि कंकड़, गर्मी और धूल होते हैं। अधिकांश महान खिलाड़ियों ने बाधाओं से भरी गली से शुरूआत की और उसे अपना रास्ता बना लिया। सफलता का रास्ता। जैसे पेले, अल्फ्रेडो डी स्टीफैनो या नेमार जूनियर ने किया। नेमार जूनियर की यात्रा एक गली और एक सपने से शुरू हुई और परीकथा की तरह स्टेडियम तक पहुँच गई। IMG_20200222_141808

पिछले वर्ष, जुलाई में, रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव 2019 के इंडिया चैम्पियन, मुंबई के कलीना रेंजर्स ने ब्राजील के वर्ल्ड फाइनल्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया और हंगरी के विरूद्ध ऐतिहासिक जीत पाकर मूल्यवान अनुभव प्राप्त किया, लेकिन बाद में हंगरी ही टूर्नामेन्ट का विजेता बना। दुर्भाग्य से, लक्‍जमबर्ग के विरूद्ध ड्रॉ और स्पेन तथा अंगोला के विरूद्ध हार से ग्रुप स्टेज में उनका टूर्नामेन्ट खत्म हो गया था। टीम इंडिया (एंथोनी माकाडो, टाइसन परेरा, हेंडरसन डियास, रयान शेख, क्रैग डीसूजा, मेल्विन बारबोज़ा और कार्नेल डीअलमीडा) कोलकाता में रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव के नेशनल फाइनल्स की विजेता थी, जिसने वर्ल्ड फाइनल्स में कड़ा मुकाबला किया और विश्व की सबसे बड़ी 5-अ-साइड फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने का बहुमूल्‍य अनुभव प्राप्त किया। पिछले वर्ष, इस सिग्नेचर फुटबॉल टूर्नामेन्ट में 100,000 से अधिक खिलाड़ियों ने 6 महाद्वीपों के 40 देशों में भाग लिया, ताकि क्वालिफायर्स से गुजरकर जुलाई में, प्राइया ग्रांडे, ब्राजील के इंस्टिट्यूटो प्रोजेटो नेमार जूनियर में वर्ल्ड फाइनल तक पहुँच सकें, जिसमें जीत हंगरी की हुई।

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