Rajasthan

असम के उम्मीदवारों की जयपुर में बाड़ाबंदी

Taasir Newspaper
Written by Taasir Newspaper
TAASIR HINDI NEWS NETWORK ABHISHEK SINGH   
जयपुर, 09 अप्रैल 
विधानसभा चुनाव परिणाम से पहले अपने उम्मीदवारों तथा समर्थकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस ने सहयोगी दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के विधानसभा उम्मीदवारों को असम में मतदान के बाद बाड़ाबंदी के लिए जयपुर लाया गया है। गठबंधन को आशंका है कि चुनाव के बाद भाजपा इन उम्मीदवारों को तोड़ने की कोशिश कर सकती है। इसलिए नतीजे आने से पहले ही इनकी बाड़ेबंदी का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार अभी असम में कांग्रेस की सहयोगी एआईयूडीएफ के उम्मीदवारों को लाया गया है, एक-दो दिन में कांग्रेस के उम्मीदवारों को भी लाया जा सकता है। यह बाड़ाबंदी नतीजे आने के बाद तक जारी रहेगी। पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री गहलोत खेमे के विधायकों को जिस फेयरमोंट रिसॉर्ट में रखा गया था, अब उसी होटल में असम के उम्मीदवार समर्थकों को रखा गया है।
सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी और कांग्रेस विधायक रफीक खान बाड़ेबंदी की कमान संभाल रहे हैंं। यहीं दोनों नेता शुक्रवार को इन उम्मीदवारों को लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। कांग्रेस ने असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा है। 20 सीटों पर एआईयूडीएफ ने कांग्रेस के सहयोगी दल के तौर पर उम्मीदवार उतारे थे।
असम से शुक्रवार को जयपुर पहुंचे नेताओं में सुहाना रहमान, असमा खातून, समसुल हुडा, हफीज बसीर अहमद, मीनाक्षी रहमान, अब्दुल्ला अमीन, निजानुर रहमान, रजीब अहमद, अमीनुल इस्लाम, सुजामुद्दीन लश्कर, निजामुदृदीन चौधरी, नजरूल हक, अमीनुल इस्लाम, असरफुल हुसैन, करीमुद्दीन बरभुइय्या, नरूल हुडा और जाकिर हुसैन शामिल हैं। सभी नेता एआईसीसी के सचिव नारायण साके के नेतृत्व में जयपुर पहुंचे हैं। दो मई तक सभी उम्मीदवार जयपुर में ही रहेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को दी गई है। चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस भी अपने उम्मीदवारों को शिफ्ट कर सकती है। इसके साथ ही केरल के विधायक उम्मीदवारों को भी चुनाव परिणाम से पहले शिफ्ट किया जा सकता है।
सियासी पर्यटन का केन्द्र बन रहा राजस्थान
बीते दो साल में राजस्थान सियासी बाड़ाबंदी और राजनीतिक पर्यटन का केन्द्र बन गया है। नवंबर 2019 में महाराष्ट्र के विधायकों की जयपुर के दिल्ली रोड स्थित रिसॉर्ट में बाड़ेबंदी की गई। इसके बाद फरवरी 2020 में मध्यप्रदेश और गुजरात के विधायकों की दिल्ली रोड के होटल और रिसॉर्टस में बाड़ेबंदी की गई थी। गुजरात के विधायकों की बाड़ेबंदी पिछले साल मार्च आखिर में लॉकडाउन लगने के बाद खत्म की गई थी। पिछले साल मई में राज्यसभा चुनावों में तोडफ़ोड़ की आशंका को देखते हुए कांग्रेस विधायकों की 10 दिन से ज्यादा बाड़ेबंदी हुई। इसके बाद जुलाई-अगस्त 2020 में सचिन पायलट की बगावत के बाद 34 दिन तक राजस्थान के राजनीतिक इतिहास की सबसे लंबी विधायकों की बाड़ेबंदी चली थी।
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