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राजस्थान हाईकोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद आसाराम पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

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Written by Taasir Newspaper
TAASIR HINDI NEWS NETWORK ABHISHEK SINGH 
जोधपुर, 04 जून
अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम ने आयुर्वेद पद्धति से अपना इलाज कराने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। जेल से बाहर आने की छटपटाहट में आसाराम अब तक करीब पंद्रह जमानत याचिका दायर कर चुके हैं लेकिन किसी भी कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिल पाई है।
 
दरअसल आसाराम जोधपुर जेल में पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया था। इस दौरान उन्होंने अपना इलाज आयुर्वेद पद्धति से कराने के लिए दो माह की जमानत मांगी थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने एम्स से उनकी मेडिकल रिपोर्ट तलब की थी। एम्स के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में आसाराम को किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं बताई गई। इसके आधार पर हाईकोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका को खारिज कर दी। आसाराम ने हाईकोर्ट के इस फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आसाराम के वकील राकेश लूथरा ने अर्जी पेश कर जमानत देने की मांग की। न्यायाधीश बीआर गंवई व न्यायाधीश कृष्ण मुरारी की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। खंडपीठ ने इस मामले में राजस्थान सरकार और जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
 
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट में एम्स की तरफ से पेश आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया था कि आसाराम की तबीयत अब ठीक है। उनकी पल्स रेट 96 प्रति मिनट है। ब्लड प्रेशर भी 128/80 के स्तर है। हीमोग्लोबिन 8 ग्राम है। रूम एयर पर ऑक्सीजन लेवल 96 बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना संक्रमित होने के बाद 7 मई को महात्मा गांधी अस्पताल से आसाराम को एम्स लाया गया। यहां भर्ती होने के बाद उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। तीन दिन से वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं है। उनके पॉजिटिव आने के बाद अब 14 दिन पूरे हो चुके है। ऐसे में आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार डिस्चार्ज किया जा सकता है। 
 
रिपोर्ट में कहा गया कि 14 मई को पेट में अल्सर के कारण उसका हीमोग्लोबिन कम हो गया था। आसाराम ने पहले खून चढ़वाने से मना कर दिया। बाद में 16 मई को वह ऐसा करने को तैयार हो गया। उसे दो यूनिट खून चढ़ाया गया। इसके बाद उसका हीमोग्लोबिन बढ़ गया। उनकी कुछ अन्य जांच की जानी प्रस्तावित थी, लेकिन आसाराम ने ऐसा करवाने से मना कर दिया।
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