New Delhi

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और हो सकता है इजाफा

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Written by Taasir Newspaper
TAASIR HINDI NEWS NETWORK ABHISHEK SINGH 

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 

पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के मामले में भारत को फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार से किसी भी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमत में 0.47 डॉलर प्रति बैरल की कमी जरूर आई है, लेकिन अभी भी कच्चा तेल 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बना हुआ है।

जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल 0.47 डॉलर की कमी को क्षणिक राहत ही माना जा सकता है।अभी आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी होने की आशंका बनी हुई है। इसकी वजह से भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी का रुख बना रह सकता है।

अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की ओर से एक दिन पहले बुधवार को ही जारी क्रूड इन्वेंट्री के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका के कच्चे तेल भंडार में तुलनात्मक तौर पर बढ़ोतरी हुई है। इस कारण पिछले सप्ताह आठ अक्टूबर को अमेरिका का कच्चा तेल भंडार 52.13 लाख बैरल के स्तर पर पहुंच गया था।

कच्चे तेल का ये भंडार यूएस लोअर लिमिट इंडेक्स के मुताबिक अमेरिका की 15 दिन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसी 13 अक्टूबर को अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की ओर से जारी इस क्रूड इन्वेंट्री के आंकड़ों का असर तत्काल ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पर भी पड़ा। इस आंकड़े से ये भी साफ हो गया कि अमेरिकी ऑयल कंपनियों द्वारा पिछले करीब तीन सप्ताह से कच्चे तेल की आक्रामक तरीके से की जा रही खरीदारी में कुछ कमी आएगी।

हालांकि जानकारों का मानना है कि अमेरिका का कच्चे तेल का भंडार अभी भी यूएस लोअर लिमिट इंडेक्स के तहत तय किए गए स्टैंडर्ड लिमिट से करीब 23 लाख बैरल कम है। इसलिए अमेरिकी ऑयल कंपनियां भले ही आक्रामक तरीके से कच्चे तेल की खरीदारी ना करें, लेकिन स्टैंडर्ड लिमिट तक पहुंचने के लिए अमेरिकी कंपनियों की खरीदारी लगातार जारी रहने वाली है। इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव की स्थिति बनी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह पहले अमेरिका के कच्चे तेल का भंडार तीन साल के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट द्वारा अमेरिका में ऑयल क्राइसिस का अलर्ट जारी कर दिया गया था। इस अलर्ट के जारी होने के बाद से ही अमेरिका ऑयल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में आक्रामक तरीके से कच्चे तेल की खरीदारी शुरू कर दी थी।

संयोग से इसी वक्त कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय उत्पादन में भी जबरदस्त कमी का रुख बना हुआ है। मेक्सिको की खाड़ी के ऑयल प्लेटफार्म पर हुए हादसे और उसके बाद आए चक्रवाती तूफान इडा की वजह से अभी भी कच्चे तेल का उत्पादन सुचारु रूप से शुरू नहीं हो सका है। इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग की तुलना में कच्चे तेल की कम आपूर्ति हो रही है।

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में खरीदार के तौर पर दुनिया भर में कच्चे तेल की सबसे अधिक मांग अमेरिका की ओर से ही होती है। इसलिए अमेरिकी ऑयल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमेशा ही कच्चे तेल की सबसे बड़ी ग्राहक बनी रहती हैं। ऐसे में अमेरिकी ऑयल कंपनियों की ओर से पिछले तीन सप्ताह के दौरान की गई आक्रामक तरीके से खरीदारी और बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति में आई कमी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत को ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

माना जा रहा है कि अमेरिकी कंपनियों की खरीदारी के कारण आने वाले दिनों में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में तेजी बनी रहेगी। ऐसे में कच्चे तेल की इस तेजी से दुनिया को राहत तभी मिल सकेगी, जब मेक्सिको की खाड़ी से होने वाला कच्चे तेल का उत्पादन फिर से पुराने ढर्रे पर सुचारु तरीके से होने लगे। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक अपनी 80 फीसदी से ज्यादा पेट्रोलियम आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर करने वाले भारत जैसे देशों की परेशानी लगातार बनी रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई इस तेजी की वजह से ही भारत में सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को इस महीने अभी तक 11 बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी है। इसकी वजह से राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में अक्टूबर के महीने में ही प्रति लीटर 3.15 रुपये और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 3.65 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गुरुवार को हुई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 104.79 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.52 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पर जल्द ही लगाम नहीं लगा, तो आने वाले दिनों में राजधानी दिल्ली में भी पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर तक पहुंच सकता है।

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