देश

नीट दाखिले में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के आरक्षण पर दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Taasir Newspaper
Written by Taasir Newspaper
TAASIR HINDI NEWS NETWORK  DR.GAUHAR   

नई दिल्ली, 28 अप्रैल 

सुप्रीम कोर्ट ने नीट दाखिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को दस प्रतिशत आरक्षण की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है।

सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने 7 जनवरी को नीट पीजी काउंसलिंग के लिए 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को मंजूरी दे दी थी।

कोर्ट ने 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण भी लागू रखने का आदेश दिया था।

पहले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि वो आर्थिक रूप से ईडब्ल्यूएस के आरक्षण की पात्रता निर्धारित करने के लिए आठ लाख रुपये की वार्षिक आय के मानदंड को अपनाने के लिए क्या कवायद किया। कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए समान मानदंड कैसे अपनाया जा सकता है जब ईडब्ल्यूएस आरक्षण में कोई सामाजिक और शैक्षिक पिछड़पन नहीं है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि आपके पास कुछ जनसांख्यिकीय या सामाजिक-आर्थिक डाटा होना चाहिए।

आप हवा में सिर्फ आठ लाख नहीं निकाल सकते हैं। आप आठ लाख रुपये की सीमा को लागू करके असमान को समान बना रहे हैं।

कोर्ट ने कहा था कि ईडब्ल्यूएस मानदंड एक नीतिगत मामला है, इसलिए इसकी संवैधानिकता को निर्धारित करने के लिए अपनाए गए कारकों को जानना जरूरी है।

दरअसल, नीट परीक्षाओं के अखिल भारतीय कोटे में ईडब्ल्यूएस के लिए दस फीसदी आरक्षण लागू करने को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दायर की गई हैं।

याचिकाओं में नीट में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू नहीं करने का अंतरिम आदेश देने की भी मांग की गई थी।

  TAASIR HINDI ENGLISH URDU NEWS NETWORK

About the author

Taasir Newspaper

Taasir Newspaper