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पिछले वर्ष की तुलना में बढ़े हत्या के मामले,अन्य अपराध में आयी कमी

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Written by Taasir Newspaper
TAASIR HINDI NEWS NETWORK OM SINGH

पटना, 24 मई

बिहार में पटना सहित राज्य के अन्य जिलों में अपराध का आंकड़ा तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। जिसे रोकने में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर नहीं आ रही है।प्रशासनिक आंकड़े भी बताते है कि पिछले साल की तुलना में इस साल अपराध बढ़ा है।

दुर्भाग्य ये है कि अन्य अपराध की तुलना में इस वर्ष हत्या के मामले में भी बढ़ोतरी हुई है।पुलिस मुख्यालय ने साल 2021 के जनवरी से मार्च के बीच जो आंकड़ा जारी किया था, उसमें बिहार में 640 हत्याएं दर्ज की गई थीं, जबकि इस साल इन मामलों में 39 का इजाफा हुआ है। 2022 के जनवरी से मार्च तक कुल 679 हत्या के मामले रिकॉर्ड किये गये हैं। अन्य अपराध की घटनाओं में कमी आयी है। जिसमें डकैती, लूट, दुष्कर्म और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार जैसे मामले शामिल है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किये गये रिपोर्ट के अनुसार पिछली तिमाही के मुकाबले इस साल डकैती में 4.2 प्रतिशत, लूट में 8.1 प्रतिशत, दुष्कर्म में 11.2 प्रतिशत जबकि एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में 10.5 प्रतिशत की कमी आई है। साल 2021 में 72 डकैती की तुलना में इस साल 69, 665 लूट की तुलना में इस साल 631, 357 रेप की तुलना में 317, जबकि 1,548 एससी-एसटी अपराध की तुलना में 1,385 घटनाएं रिकॉर्ड की गई है।

आंकड़ा जारी करने के साथ ही पुलिस मुख्यालय का कहना है कि राज्यभर में चलाए जा रहे आपरेशन प्रहार का बिहार में काफी लाभ दिख रहा है। हत्या को छोड़ दिया जाए तो बाकी अपराधों में कमी आई है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में गंभीर अपराध करने वाले वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए आपरेशन प्रहार के तहत वज्र टीम का गठन किया गया है। अभी बिहार में 20 वज्र कंपनी और 47 प्लाटून बनाए गए हैं। आपरेशन प्रहार के तहत बिहार में अब तक 21 हजार 138 वांछित अपराधियों को पकड़ा जा चुका है। जिसे प्रशासनिक स्तर पर उपलब्धि माना जा रहा है।

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