बिहार राज्य

बिहार को स्वच्छता ही सेवा के लिये केंद्र सरकार से मिला द्वितीय पुरस्कार

Written by Taasir Newspaper

Taasir Urdu News Network – Syed M Hassan 2nd Oct.

पटना : गांधी जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन मे आयोजित स्वच्छ भारत दिवस समारोह मे केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वच्छता ही सेवा अभियान का बेहतरीन संचालन के लिए बिहार को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया। पूरे देश मे कर्नाटक के बाद बिहार का प्रदर्शन दूसरे स्थान पर रहा। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के मिशन निदेशक राहुल कुमार तथा बिहार के प्रतिनधिमण्डल ने सम्मान प्राप्त किया.
पेयजल एवम स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रविवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छ भारत दिवस समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहीं । इस कार्यक्रम में उनके समक्ष देश मे स्वच्छ तथा पेयजल को लेकर हुई प्रगति पर जलशक्ति मंत्री ने उपलब्धियां प्रस्तुत की। इस कड़ी मे कई क्षेत्रों मे उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया गया। बिहार द्वारा दिनांक 10 सितंबर, 2022 से 02 अक्टूबर, 2022 तक स्वच्छता संबंधित कार्य तथा जन जागरूकता की गतिविधियों यथा गाँव मे सफाई अभियान का संचालन, पौधरोपन, श्रमदान, स्वचछता शपथ, आम सभा, जुलूस, रैली आदि मे लाखों लोगों ने भाग लिया। जीविका दीदीयों, छात्रों, ग्राम पंचायत सदस्यों सहित हर समुदाय के लोगों ने इस अभियान मे बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया।  इस हेतु बिहार को द्वितीय पुरस्कार मिला I कर्णाटक को प्रथम पुरस्कार मिला । पुरस्कार लेने वालों मे जीविका  के मुख्य कार्य पालक पदाधिकारी तथा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के मिशन निदेशक राहुल कुमार, डीडीसी पटना तनय सुल्तानिया , डीडीसी मुजफ्फरपुर आशुतोष द्विवेदी, डीडीसी दरभंगा अमृषा बैंस, राज्य सलाहकार  सुमन लाल कर्ण , प्रभात रंजन आदि शामिल रहे ।
विभाग की उपलब्धि :
• सात निश्चय -2 अंतर्गत ‘स्वच्छ गाँव-समृद्ध गाँव’ के संकल्पित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान -द्वितीय चरण (2020-21-2024-25) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ‘खुले में शौच से मुक्ति’ बनाये रखते हुये चरणब़द्ध तरीके से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
• ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ग्राम पंचायतों में मुख्यतः घर-घर से ठोस अपशिष्ट का उठाव, पैडल रिक्शा, ई-रिक्शा से परिवहन कर अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्र पर ले जाकर कचरे का समुचित निषादन, जैविक कचरे से जैविक खाद का निर्माण, नाली की सफाई, धूसर जल का निस्तारण हेतु समुदाय का उत्प्रेरण, मलिन जल एवं मलयुक्त कीचड प्रबंधन, मृत पशुओं का निपटान, नवोन्मेष इत्यादि कार्य किये जा रहे हैं।
• पायलेट परियोजना के तहत राज्य के 12 जिलों के 36 ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य प्रारंभ किया गया था, जिससे प्राप्त अनुभवों के आधार पर वर्ष 2021-22 में 1672 ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य हेतु लक्षित किया गया, जिसके सापेक्ष सभी 1672 ग्राम पंचातयों को निधि का हस्तांतरण किया जा चुका है। 1672 ग्राम पंचायत में कुल 22,470 वार्ड हैं, जिनमें से 17,891 वार्डों द्वारा पैडल रिक्षा एवं ई-रिक्षा की खरीदारी की गयी है एवं 16,191 वार्डों में घर-घर से कचरा का उठाव गतिमान है। गांवों में जलजमाव न हो एवं धूसर जल का उचित प्रबंधन हो, इसके हेतु अब तक 6,600 जंक्षन चैंबर एवं 16,634 सामुदायिक सोक पिट का निर्माण किया गया है।
• वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु 2,462 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का क्रियान्वयन लक्षित है, जिसके सापेक्ष 630 ग्राम पंचायतों में राशि का हस्तांतरण किया गया है।

About the author

Taasir Newspaper