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सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे तंजानिया की यात्रा पर, रक्षा सहयोग और मजबूत करेंगे
– तंजानियाई राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से भी मुलाकात करेंगे जनरल पांडे
– मजबूत भविष्य की साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करेगी सेना प्रमुख की यह यात्रा
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे तंजानिया की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए हैं। वह 5 अक्टूबर तक तंजानिया में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा व बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिससे दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंध और मजबूत होंगे। भारतीय सेना प्रमुख तंजानिया संघ गणराज्य की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से मुलाकात कर सकते हैं।
भारतीय सेना प्रमुख का तंजानिया की राजधानी दार अस सलाम, ऐतिहासिक शहर जांजीबार और अरुशा का दौरा करने का कार्यक्रम है। वह तंजानिया के गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा व बैठकों में हिस्सा लेंगे। अपनी यात्रा के दौरान भारतीय सेना प्रमुख तंजानिया संघ गणराज्य की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से भी मुलाकात कर सकते हैं। रक्षा मंत्री डॉ. स्टरगोमेना लॉरेंस टैक्स और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स जनरल जैकब जॉन मकुंडा के साथ बैठकों को उनके यात्रा एजेंडे में शीर्ष पर रखा गया है।
सेना प्रमुख जांजीबार का भी दौरा करेंगे और राष्ट्रपति महामहिम डॉ. हुसैन अली म्विनी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा उनकी 101वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर जनरल सैदी हमिसी सैदी के साथ बातचीत भी निर्धारित है। जनरल मनोज पांडे राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज को भी संबोधित करेंगे और मेजर जनरल विल्बर्ट ऑगस्टीन इबुगे कमांडेंट व संकाय के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा इस यात्रा के दौरान दुलुती के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के कमांडेंट ब्रिगेडियर जनरल स्टीफन जस्टिस मनकंडे के साथ एक बैठक भी निर्धारित है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार सेनाध्यक्ष की यह यात्रा दार-अस-सलाम में आयोजित दूसरे भारत-तंजानिया मिनी डेफएक्सपो के अनुरूप भी है, जो भारत के स्वदेशी रक्षा उद्योग परिसर के बढ़ते कौशल का प्रदर्शन करेगी। इससे भारत व तंजानिया के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंध मजबूत और समृद्ध होंगे। दोनों देशों ने अक्टूबर, 2003 में रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके सम्बन्धों की मजबूत नींव रखी थी। इस सहयोग के महत्व के बारे में इस वर्ष 28 और 29 जून को तंजानिया के अरुशा में आयोजित भारत-तंजानिया संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की दूसरी बैठक में जोर दिया गया था।
भारतीय और तंजानियाई सेना दोनों पेशेवर सैन्य पाठ्यक्रमों में एक-दूसरे के लिए रिक्तियां प्रदान करते हैं। इससे दोनों देशों के कर्मियों को मजबूत संबंध बनाने, विचारों का आदान-प्रदान करने और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने में मदद मिली है। तंजानिया की सेना पिछले पांच वर्षों से भारत में संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा प्रशिक्षण में लगातार भाग ले रही है। इसी तरह भारतीय सेना की एक प्रशिक्षण टीम को वर्ष 2017 से कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, दुलुती में तैनात किया गया है। तंजानिया के सैन्य प्रतिनिधिमंडल नियमित रूप से भारत का दौरा कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य सहयोग का प्रतीक है।
तंजानियाई प्रतिनिधिमंडलों ने इसी साल एयरो इंडिया, इंडो अफ्रीका आर्मी चीफ्स कॉन्क्लेव-23 और एएफआईएनडेक्स-23 में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। तंजानिया के वरिष्ठ सैन्य नेताओं ने डिफेंस एक्सपो-22 के दौरान भारत का दौरा किया। तंजानियाई सैन्य अधिकारी 25-27 सितम्बर को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में हुए 13वें आईपीएसीसी, 47वें आईपीएएमएस और 9वें सेल्फ-23 कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय सेना प्रमुख की यह यात्रा न केवल मौजूदा सहयोग का उत्सव मनाने का संकेत है, बल्कि एक मजबूत भविष्य की साझेदारी का मार्ग भी प्रशस्त करती है।

