रांची, 28 अक्टूबर
मुंबई में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समिट में रांची सदर अस्पताल के लेजर और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अजीत कुमार ने बवासीर (पाइल्स) और भेरिकोज भेन संबंधी बीमारी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बवासीर के विभिन्न पहलुओं जैसे लक्षण, कारण, ग्रेडिंग, रोकथाम और इलाज के विभिन्न अत्याधुनिक तकनीकों के बारे में बताया।
डॉ अजीत ने बताया कि यह एक जीवन शैली से संबंधित बीमारी है लेकिन बदलती जीवनशैली और खान-पान के कारण यह महामारी का रूप ले रही है। करीब आधी आबादी इस बीमारी से ग्रसित है। इस बीमारी के मुख्य लक्षण मलद्वार से खून आना, खुजली और मांस का बाहर आना है।
उल्लेखनीय है कि इस समिट में एम्स , बीएचयू और अन्य संस्थानों के पूर्व निदेशक, विभागध्यक्ष और वरीय सर्जनों के साथ-साथ करीब 900 से अधिक चिकित्सकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया। यह जानकारी सोमवार को डॉक्टर अजीत कुमार ने दी।
डॉक्टर अजीत ने दिए सुझाव
-टॉयलेट में फोन लेकर ना जायें।
-मल त्यागते समय ज्यादा जोर नहीं लगायें।
-खाने में फाइबर युक्त भोजन (साग, सब्जी, फल, फूल, सलाद) लें।
-हर दिन कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीएं।
-इस बीमारी के इलाज में सकलेरोथेरेपी, आरबीएल, आधुनिक लेजर तकनीक और सर्जरी का अहम रोल है।
-यदि 40 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों को खून आने की शिकायत होती है, तो उनको पूरी जांच करानी चाहिए।