मुंबई, 18 जून, 2025
अपनी तरह की पहली पहल में पश्चिम रेलवे द्वारा बहुचर्चित कार्टून चरित्र ‘छोटा भीम’ के सहयोग से एक नया संरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को ट्रैसपासिंग के खतरों और चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के खतरों के बारे में जागरूक करना है। इस अभियान का शुभारंभ 18 जून, 2025 को मुंबई सेंट्रल और रतलाम मंडलों के अंतर्गत क्रमशः चर्चगेट और इंदौर स्टेशनों पर किया गया। इस अभियान को 15 दिनों की अवधि में अंधेरी, बोरीवली, उज्जैन और रतलाम स्टेशनों पर भी चलाया जाएगा।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अनूठे अभियान की संकल्पना युवा वर्ग और परिवारों पर विशेष ध्यान देते हुए यात्रियों तक अधिकतम पहुंच बनाने के उद्देश्य से की गई है। शुरुआत में, अभियान को मुंबई सेंट्रल और रतलाम मंडलों पर “ट्रैसपासिंग” और “चलती ट्रेनों में न चढ़ने या न उतरने” विषय पर केंद्रित करने की योजना बनाई गई है। अभियान को आकर्षक दृश्यों के साथ प्रभावशाली संरक्षा संदेशों को मिलाकर ‘छोटा भीम’ की लोकप्रियता का लाभ उठाते हुए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण संरक्षा संदेश को अधिक सरल और प्रभावी बनाना है। इसके बाद, इस अभियान को अन्य स्टेशनों और मंडलों तक भी विस्तारित किया जाएगा तथा रेलवे से संबंधित अन्य सामाजिक जागरूकता विषयों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

श्री विनीत ने बताया कि व्यापक और बहुआयामी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा डिजिटल और सोशल मीडिया, होर्डिंग्स और स्टेशन बैनर, रेडियो स्पॉट और एसएमएस जैसे कई प्लेटफॉर्मों पर अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत चर्चगेट और इंदौर स्टेशनों पर प्रदर्शनी के कियोस्क स्थापित किए गए हैं और जल्द ही अगले 15 दिनों की अवधि में इनका अंधेरी, बोरीवली, उज्जैन और रतलाम स्टेशनों तक इसका विस्तार किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अपने रचनात्मक पृष्ठभूमि दृश्यों और संरक्षा प्रश्नोत्तरी की मदद से सभी उम्र के यात्रियों को आकर्षित करती है।
श्री विनीत ने आगे बताया कि जन जागरूकता और रेलवे संरक्षा को बढ़ावा देने की एक अनूठी पहल में पश्चिम रेलवे ने ‘छोटा भीम’ के साथ सहयोग किया है। इस रणनीतिक सहयोग के माध्यम से पश्चिम रेलवे का लक्ष्य ‘छोटा भीम’ किरदार की व्यापक अपील का लाभ उठाकर रेलवे संरक्षा और रेलवे परिसर में जिम्मेदार व्यवहार पर आवश्यक संदेशों को प्रभावी ढंग से विशेष रूप से युवा दर्शकों और परिवारों को लक्षित करते हुए संप्रेषित करना है। उल्लेखनीय रूप से ‘छोटा भीम’ की राष्ट्रव्यापी और वैश्विक लोकप्रियता का बच्चों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और इसमें सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता है। पश्चिम रेलवे की पहल इन परिचित पात्रों को जनहित अभियानों में एकीकृत करके पहुंच और जुड़ाव बढ़ाने की भावना के अनुरूप है।
पश्चिम रेलवे संरक्षा में सुधार और जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है और इसमें वो सभी समुदायों को साथ लेकर चल रहा है। यह अभियान सभी के लिए एक सुरक्षित रेलवे व्यवस्था बनाने की दिशा में एक और क़दम है।

