बेगूसराय: जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्या ने मध्यस्थता के बारे में बताया कि पटना उच्च न्यायालय के मध्यस्थता कमिटी के द्वारा बेगूसराय न्यायालय के संबंधित न्यायिक दंडाधिकारी एवं कमेटी के सदस्यों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। साथ ही उन्होंने बताया कि न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम करने के लिए मध्यस्थता माध्यम से मुकदमों का निष्पादन करना है। आम जनों को इस प्रक्रिया से आर्थिक रूप से उनको राहत प्रदान किया जाए। उच्च न्यायालय पटना के मध्यस्थ कमेटी द्वारा कमेटी कमेटियों के सदस्यों के साथ तथा प्रमुख न्यायिक पदाधिकारी के साथ की गई। प्राधिकार के सचिव करुणानिधि सह अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने बताया कि उच्च न्यायालय पटना के मध्यस्थ कमेटी के द्वारा बताया गया कि वैसे सुलहनीय मामले जो विवाह से संबंधित मामले हैं घरेलू हिंसा से संबंधित मामले हैं अपराधिक सामान्य मामले बटवारा से संबंधित मुकदमें भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले मोटर एक्सीडेंट से संबंधित मामले बैंक लोन से संबंधित मामले , बिजली से संबंधित मामले हैं वह सभी मामले जिन में सुलह एवं समझौते की संभावना है उन्हें निष्पादन करने के लिए संबंधित न्यायालय पक्षकारों को नोटिस करें और उन्हें मध्यस्थता केंद्र भेजें जहां सुलह के आधार पर उन मामलों का अधिक से अधिक निष्पादन किया जा सके यह अभियान 1 जुलाई 2025 से 90 दिनों तक चलेगा।
न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम करने में मध्यस्थता एक सुलभ विकल्प: करुणानिधि प्रसाद आर्या
कौनैन अली,संवाददाता

