पश्चिम रेलवे द्वारा बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया बांद्रा स्टेशन महोत्सव

मुंबई, 28 जुलाई, 2025

स्टेशन महोत्सव में भव्य बांद्रा स्टेशन की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाया गया

बांद्रा स्टेशन की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा एक जीवंत कार्यक्रम “बांद्रा स्टेशन महोत्सव” मनाया गया। 26 जुलाई, 2025 को आयोजित इस भव्य समारोह की शुरुआत पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक श्री प्रदीप कुमार, पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज सिंह, मुंबई क्षेत्र की डाक सेवा की निदेशक श्रीमती कैया अरोड़ा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा एक विशेष स्मारक कवर के अनावरण के साथ हुई। विशेष कवर का अनावरण एक मार्मिक क्षण था, जो इस प्रतिष्ठित स्टेशन की ऐतिहासिक विरासत के प्रति एक सच्‍चा सम्‍मान था।

बांद्रा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी शानदार प्रदर्शन हुआ, जिसमें मंत्रमुग्ध कर देने वाले नृत्य प्रदर्शन और ऊर्जावान कराओके प्रस्तुतियाँ शामिल थीं, जिन्होंने उत्सवी माहौल को और भी समृद्ध बना दिया। इस दिन का मुख्य आकर्षण “आर्ट एंड क्राफ्ट” और “व्लॉग मेकिंग” प्रतियोगिताओं के लिए बेसब्री से प्रतीक्षित पुरस्कार वितरण समारोह था। गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को उनके कलात्मक और नवोन्मेषी कौशल के साथ-साथ आकर्षक कहानी कहने की कला के लिए सम्मानित किया गया। इन रचनात्मक कृतियों ने बांद्रा स्टेशन की भावना और उसके जीवंत उत्साह को खूबसूरती से दर्शाया।

बांद्रा स्टेशन महोत्सव ने विरासत के उत्सव को सामुदायिक भागीदारी के साथ मिश्रित किया, जिससे इस अवसर की स्थायी यादें बनीं, जो पुरानी यादों, रचनात्मकता और सौहार्द से भरी थीं। जून 2025 में शुरू हुआ यह महोत्सव एक लुभावने समापन के साथ संपन्न हुआ, जब सैकड़ों हीलियम गुब्बारे आकाश में उड़े, जिसने उत्सव की खुशी की भावना को पूरी तरह से दर्शाया।

बांद्रा रेलवे स्टेशन मुंबई के बेहतरीन उपनगरीय रेलवे स्टेशनों में से एक है। अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध, यह लाखों दैनिक यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में कार्य करता है। इसे महाराष्ट्र सरकार के 1995 के विरासत नियमों में ग्रेड I विरासत संरचना के रूप में अधिसूचित किया गया है। एक सदी से भी अधिक पुराना रेलवे स्टेशन, यह विक्टोरियन गोथिक और स्थानीय शैली का एक उत्कृष्ट वास्तुशिल्प मिश्रण है, जो अपने स्थल पर एक प्रमुख लैंडमार्क के रूप में उभर कर आता है। बांद्रा स्टेशन 28 नवंबर, 1864 को खोला गया था। हालाँकि, शानदार विरासत बांद्रा स्टेशन भवन 24 साल बाद 1888 में बनाया गया था।