मुंबई, 07 अगस्त, 2025
” मुट्ठी में केवल पांच उंगलियां नहीं,बल्कि नमस्ते में दस उंगलियां – शक्तिशाली, उद्देश्यपूर्ण और सम्मानजनक “
पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने एक विचारशील और नैतिक रूप से सशक्त पहल शुरू की है: नमस्ते अभियान, जिसका संक्षिप्त नाम “नम्रता और सशक्त टिकट जाँच” है। यह अभियान एक ऐसा दर्शन है जो विनम्रता, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने हेतु इस गरिमा और सहानुभूति के साथ जोड़ता है। इस पहल के मूल में गरिमा, सुरक्षा, जनहित, सहानुभूति और जवाबदेही जैसे मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता निहित है। इस अभियान का उद्देश्य टिकट जाँच कर्मचारियों में विश्वास बहाल करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और समग्र यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है।
इस पहल के तहत, 06 अगस्त, 2025 को बोरीवली स्टेशन पर फोर्टरेस टिकट जाँच अभियान चलाया गया। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस के सहयोग से 300 से अधिक टिकट जाँच कर्मचारियों ने इस अभियान में भाग लिया। परिणामस्वरूप, लगभग 5,200 बेटिकट यात्रियों का पता लगाया गया और 13.50 लाख रुपये का जुर्माना प्राप्त किया गया।
सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टीटीई को विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए सुरक्षात्मक जैकेट दिए गए हैं। इन जैकेटों में बॉडी कैमरा, हैंड हेल्ड टर्मिनल (HHT), अतिरिक्त किराया टिकट (EFT) बुक और सार्वजनिक घोषणाओं के लिए मिनी स्पीकर के लिए जगह होती है। यह तकनीकी एकीकरण टिकट जाँच कर्मचारियों को भौतिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, साथ ही यात्रियों के साथ बातचीत में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मज़बूत करता है। इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण घटक स्टेशन परिसर के भीतर प्री कस्टडी एरिया का निर्माण है। ये सीसीटीवी निगरानी वाले स्थानीयकृत क्षेत्र हैं, जिन्हें बिना टिकट यात्रियों से नियंत्रित और सम्मानजनक तरीके से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कदम आधिकारिक कार्यालयों में संभावित विवादों और अनावश्यक टकरावों से बचने में मदद करता है, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों, दोनों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित होता है। वाणिज्य ़विभाग के अधिकारियों ने प्रभावी संचार और पेशेवर यात्री प्रबंधन पर केंद्रित कार्यशालाएँ आयोजित की हैं।
‘नमस्ते अभियान’ इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि शासन कैसे सशक्त और संवेदनशील दोनों हो सकता है। यह नैतिक लोक प्रशासन का एक आदर्श उदाहरण है जो अनुशासन को महत्व देता है। प्रतिक्रियात्मक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय, यह एक सक्रिय और संरचित दृष्टिकोण अपनाता है, जो निष्पक्षता को बनाए रखता है, विश्वास को बढ़ावा देता है, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करता है और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का मनोबल बनाए रखता है।
नमस्ते सिर्फ़ एक अभिवादन से कहीं बढ़कर है! यह एक दर्शन है… एक प्रतिज्ञा है…
“यह कहने का हमारा तरीका है—हम अनुशासन को गरिमा के साथ बनाए रखेंगे।
हम विनम्र रहेंगे, फिर भी अपने कर्तव्य में दृढ़ रहेंगे।”
इस अभियान के माध्यम से, पश्चिम रेलवे सभी के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और जवाबदेह रेलवे अनुभव बनाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

