पटना। छात्र जनता दल यूनाइटेड बिहार प्रदेश के उपाध्यक्ष, पूर्व क्रिकेटर सह बीसीए मिडिया कमिटी के पूर्व चेयरमैन कृष्णा पटेल ने कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन विगत 5 वर्षों से विभिन्न विविदों को लेकर कठघरे में खड़ा है और सर्वोच्च न्यायालय ने 12 अगस्त 2025 को इस मामले की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने टिप्पणी किया कि इस तरह के संघों में गंदी राजनीति कर सार्वजनिक राजस्व को बर्बाद कर रही है और बीसीए कार्यालय के वाहक की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व जस्टिस लवू नागेश्वर राव को बीसीए के एक लोकपाल के रूप में नियुक्त किया है। इसलिए मैं एक पूर्व क्रिकेटर और एक समाजसेवी होने के नाते बिहार के अद्वितीय माननीय मुख्यमंत्री परम आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी व उपमुख्यमंत्री सहित खेल मंत्री से आग्रह कर रहा हूं कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त लोकपाल महोदय के जांच उपरांत जारी आदेश के बाद हीं बिहार का गौरव राजगीर में बनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को निर्विवादित बीसीए कमिटी के हाथों में सौंपने की वकालत करता हूं । ताकि जिस उद्देश्य के साथ बिहार सरकार ने इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बनाया है वो सपना और उद्देश्य साकार हो सके ।
पटेल ने आगे कहा कि यह सर्वविदित है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ( बीसीए ) लंबे समय से वर्चस्व को लेकर सचिव विहीन संस्था जैसे विवादों से घिरा रहा है और बिहार सरकार निबंधन विभाग से सोसाइटी एक्ट के तहत निबंधित बीसीए को अब कंपनी एक्ट में तब्दील करने की प्रक्रिया भी चल रही है। जिसका मूल उद्देश्य सार्वजनिक व सरकारी राजस्व पर स्वयं का प्रभुत्व स्थापित किया जाय और निजी संस्था बनाकर लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिया जाए तब कोई आवाज भी नहीं उठेगी। जिसके खिलाफ कई जिला संघों ने निबंधन विभाग के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई है ।
जबकि अन्य गंभीर मामलों में निर्वाचित बीसीए सचिव अमित कुमार सहित बिहारी खिलाड़ियों एवं जिला संघों ने पटना हाईकोर्ट से लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय में अनैतिक व असंवैधानिक तरीके से सचिव विहीन संस्था बनाकर बीसीए कार्यालय के वाहक द्वारा अवैध गतिविधियों, संस्था के अकाउंट से अवैध पैसे की निकासी, बिहारी खिलाड़ियों की हकमारी और बाहरी खिलाड़ियों को मोटी रकम लेकर बिहार से खेलाना जैसी अन्य मामलों को लेकर न्याय की गुहार लगाई तो सर्वोच्च न्यायालय ने साथ शब्दों में कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में गंदी राजनीति चल रही है और सार्वजनिक राजस्व को बर्बाद कर रही है। नतीजतन इस गंभीर मुद्दे को निपटारा करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश लवू नागेश्वर राव जी को बीसीए लोकपाल के रूप में नियुक्त किया गया है।
जो संभवतः सितंबर माह के पहले सप्ताह में बिहार की राजधानी पाटलिपुत्र के पावन धरती पर आने वाले हैं। जिसके बाद बीसीए से संबंधित विवादों को देखेंगे और वर्तमान कमिटी के कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। इन सभी विषयों के जांच उपरांत माननीय लोकपाल महोदय जो अपना अंतिम निर्णय देंगे वही सर्वमान्य होगा और बीसीए पूरी तरह से निर्विवादित संस्था के रूप में उभर कर सामने आयेगी। उसके बाद हीं बिहार सरकार बीसीए के नवनिर्वाचित कमिटी के पदाधिकारियों और निर्विवादित सार्वजनिक संस्था के हाथों में हीं बिहार के गौरवशाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम राजगीर को सौंपने का कार्य करें ना कि किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को।
यही समस्त बिहारवासियों , खेल-प्रेमियों, खेल और खिलाड़ियों के लिए हितकर होगा ।हम सभी यही आशा और विश्वास करते हैं।

