नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल ने उर्दू पर विशेष स्पॉटलाइट सेशन की घोषणा की, जिसमें भाषा की यात्रा अतीत से वर्तमान तक चर्चा की जाएगी

 

16 दिसंबर 2025:

नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में 23 दिसंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण सत्र “Urdu: From Past to Present” आयोजित होगा। इस सत्र का संचालन डॉ. अकील अहमद करेंगे और वक्ताओं के रूप में प्रो. मुज़फ्फ़र अली शाहमीरी तथा प्रो. असीम सिद्दीकी शामिल होंगे। इस सत्र में उर्दू भाषा की शुरुआत, विकास, साहित्यिक योगदान और आज के समय में उसकी स्थिति और महत्व पर विस्तृत चर्चा होगी।

नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल का पहला संस्करण 21 से 25 दिसंबर 2025 तक बिहार के नालंदा जिले के ऐतिहासिक शहर राजगीर स्थित राजगीर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। इस फेस्टिवल का आयोजन जश्नअदब, सेंटर फॉर इंडियन क्लासिकल डांसेज़, शाइनिंग मुस्कान फाउंडेशन और धनु बिहार द्वारा, नालंदा यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया जा रहा है। यह आयोजन भारत की ज्ञान, संस्कृति और विरासत की भव्यता का उत्सव मनाएगा, विशेषकर उस स्थान पर जिसे कभी दुनिया के सबसे बड़े शिक्षण केंद्र के रूप में जाना जाता था।

फेस्टिवल की टीम में कई प्रमुख नाम शामिल हैं, जैसे पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. सोनल मानसिंह, प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और लेखक अदूर गोपालकृष्णन, इंडिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स के मेंबर सेक्रेटरी सचिदानंद जोशी, लेखक और स्तंभकार डॉ. पंकज केपी श्रेयस्कर, फेस्टिवल डायरेक्टर गंगा कुमार, फेस्टिवल क्यूरेटर पंकज दुबे, सभी सदस्य मिलकर फेस्टिवल को एक बड़े सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन के रूप में तैयार कर रहे हैं।

 दर्शकों को भारत की विविध परंपराओं और भाषाई संस्कृति का अनुभव मिलेगा।

फेस्टिवल में साहित्य, संवाद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, युवा कार्यक्रम और भारतीय परंपरा से जुड़े अनुभव देखने को मिलेंगे।

पंजीकरण और टिकट नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल की वेबसाइट और बुकमायशो पर उपलब्ध हैं।