मप्र के इंदौर में दूषित पानी से हुई 29वीं मौत, परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन

तीन मरीज अब भी आईसीयू में, एक वेंटिलेटर पर

भोपाल/इंदौर, 28 जनवरी 

मध्‍य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एक 63 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद दूषित पानी से मरने वाली की संख्‍या 29 हो चुकी है। बुधवार को मृतक के परिजनों ने अंत्येष्टी से पहले सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया।

मृतक का नाम 63 वर्षीय खूबचंद पिता गन्नूदास है। परिवार ने बताया कि उन्हें पिछले 15 दिनों से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। पहले उन्हें स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाया गया, जहां दवाइयां दी गईं। मंगलवार सुबह भी उनकी तबीयत बिगड़ी और दवाइयां दी गईं, लेकिन घर लौटने के बाद देर शाम को उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।

परिवार ने बताया कि खूबचंद मिल मजदूर थे। वह पहलवान भी रहे, कई कुश्ती प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज कर चुके थे। उनके बेटे राहुल का कहना है कि पिता की मौत दूषित पानी के कारण हुई उल्टी-दस्त के चलते हुई। राहुल ने बताया कि पिता पहले पूरी तरह स्वस्थ थे, अपना काम करते थे और रोजाना हाथ-पैर की मालिश भी करते थे। हमने कभी नहीं सोचा था कि पिता के साथ ऐसा होगा।

भागीरथपुरा में अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या घटकर केवल 6 रह गई है। इनमें से 3 मरीज आईसीयू में हैं और एक वेंटिलेटर पर है।

हाई कोर्ट ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए रिटायर्ड जज सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आयोग गठित किया है। आयोग को चार सप्ताह के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।