केजरीवाल-आतिशी के खिलाफ मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट 21 अप्रैल को करेगा सुनवाई

नई दिल्ली, 27 जनवरी 

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल और आतिशी मार्लेना की अग्रवाल मतदाताओं के ‘नाम कटवाने’ का आरोप लगाने के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग पर सुनवाई टाल दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने 21 अप्रैल को इस मामले पर विस्तृत सुनवाई करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर भी लगी रोक अगले आदेश तक जारी रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 को राजीव बब्बर को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान आतिशी और केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि बिना किसी नुकसान के आपराधिक मानहानि कानून की नजर में कोई मायने नहीं रखता। सिंघवी ने शशि थरूर के मामले का हवाला देते हुए कहा था कि उच्चतम न्यायालय ने मानहानि के मामले मे चल रही निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। इस आधार पर उनके मामले पर भी कोर्ट रोक लगाने का आदेश जारी कर सकता है। सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट में शिकायतकर्ता और भाजपा नेता राजीव बब्बर की वकील सोनिया माथुर ने कहा था कि यह मामला शशि थरूर के मामले से अलग है। निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।

केजरीवाल और आतिशी ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी किए गए समन को सही करार दिया गया था।

राऊज एवेन्यू के सेशंस कोर्ट ने 28 जनवरी, 2020 को अरविंद केजरीवाल समेत चार आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से जारी समन के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दिया था।

राजीव बब्बर ने कोर्ट में याचिका दायर कर चारों के खिलाफ दिल्ली में मतदाता सूची से अग्रवाल मतदाताओं के ‘नाम कटवाने’ का आरोप लगाने के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है। 16 जुलाई 2019 को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल को जमानत दी थी। राजीव बब्बर ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर केजरीवाल ने लोगों को भाजपा के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया। दिल्ली में अग्रवाल समाज के लोगों का वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में अरविंद केजरीवाल के बयान के खिलाफ आपराधिक मानहानि की याचिका दायर की गई है। याचिका में केजरीवाल के अलावा आतिशी मर्लेना, मनोज कुमार और सुशील कुमार गुप्ता को भी आरोपित बनाया गया है।

अग्रवाल समाज के लोगों का वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप