आईईएचई, भोपाल में ‘वाणिज्य एवं प्रबंधन के नवीन रुझान–2026’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ

TAASIR :– S M HASSAN 31  JAN

भोपाल : 30 जनवरी, 2026

उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में 30 जनवरी 2026 को ‘वाणिज्य एवं प्रबंधन के नवीन रुझान–2026’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ हुआ। यह संगोष्ठी भारतीय लेखा संघ, भोपाल प्रकोष्ठ तथा मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम (एम.पी.एच.ई.क्यू.आई.पी.), उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का प्रारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। सर्वप्रथम संगोष्ठी संयोजक डॉ. शारदा गंगवार, विभागाध्यक्ष, प्रबंधन विभाग ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संगोष्ठी में लगभग 450 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से आधे प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से तथा शेष प्रतिभागी आभासी माध्यम से हाईब्रिड स्वरूप में विभिन्न तकनीकी सत्रों में अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. एस. के. जैन, कुलगुरु, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल रहे। उन्होंने वर्तमान युग को ‘आँकड़ों’ और ‘सूचनाओं’ का युग बताया। कुलगुरु ने आश्वासन दिया कि इस संगोष्ठी से प्राप्त निष्कर्षों का उपयोग बरकतउल्ला विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में करेगा।

संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि डॉ. एम. जयप्पा, अध्यक्ष, भारतीय लेखा संघ (अखिल भारतीय) ने वाणिज्य एवं प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीक, नवाचार तथा वैश्विक दृष्टिकोण के तीव्र समावेश पर प्रकाश डालते हुए डिजिटल रूपांतरण, आँकड़ा-आधारित निर्णय-प्रक्रिया तथा नैतिक नेतृत्व को सफल प्रबंधन की आधारशिला बताया।

गणमान्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता डॉ. गुरुदत्त पी. जपी, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य अध्ययन विभाग, गुजरात विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में कौशल-आधारित रोजगार की भावी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने ‘सूचना युग’ से परिवर्तित होकर ‘दृश्य-पटल युग’ में प्रवेश कर चुके वर्तमान समय की व्याख्या की। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल बौद्धिकता तथा सूचना प्रदूषण जैसे समकालीन विषयों को सम्मिलित करते हुए उन्होंने आधुनिक वाणिज्यिक एवं प्रबंधन परिदृश्य की जटिलताओं और चुनौतियों को विस्तार से प्रस्तुत किया।

नेपाल से पधारे डॉ. बिशेश्वर आचार्य, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नॉवेल अकादमी भी उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहे। संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने संस्थान में आयोजित होने वाली आगामी संगोष्ठियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों के लिए इनके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं प्रबंधन क्षेत्र की नवीन समस्याओं के समाधान खोजने में यह संगोष्ठी अत्यंत प्रासंगिक है।