नई दिल्ली, 11 फ़रवरी
सीबीआई ने कहा है कि रेलवे टेंडर घोटाला मामले के आरोपित लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को केवल इस आधार पर ट्रायल करने से नहीं रोका जा सकता है कि उनके खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए जरुरी अनुमति नहीं ली गई थी। सीबीआई की ओर से पेश एएसजी डीपी सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय में ये दलीलें रखी।
सुनवाई के दौरान डीपी सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 19 के तहत आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए जरुरी अनुमति लेना जरुरी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मार्च 2020 में तत्कालीन अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से भी राय ली गई थी। डीपी सिंह ने कहा कि ये मामला एक हाथ से दो और दूसरे हाथ से लो की तरह है। इससे सार्वजनिक धन को काफी नुकसान हुआ।
दिल्ली उच्च न्यायालय में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी है।
बता दें कि 13 अक्टूबर 2025 को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। तीनों ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के इसी आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान लालू यादव की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने कहा था कि अभियोजन चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है, ऐसे में अनुमति की वैधता सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा था कि पहले सीबीआई ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की कोई जरुरत नहीं है। उसके बाद सीबीआई ने कहा कि उन्हें अभियोजन चलाने के लिए अनुमति मिल गई है। ये कानून सम्मत नहीं है। लालू यादव की दलीलों का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा था कि आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं। 28 जनवरी 2019 को ट्रायल कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 19 जनवरी 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।
कोर्ट ने 17 सितंबर 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपित बनाया है उनमें लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।
लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।

