मध्यप्रदेश, अब पर्यटन और रोज़गार का नया ‘ग्रोथ इंजन’ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

TAASIR :– S M HASSAN 6 Feb

भोपाल : 5 फरवरी, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद उज्जैन में ‘श्री महाकाल लोक’ के लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है। प्रदेश की पावन धरा पर लगभग 900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 ‘लोकों’ का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत साक्ष्य बनेंगे।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में 580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य संचालित है। सागर में ‘संत रविदास लोक’ 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में ‘देवी लोक’ और ओरछा में ‘श्रीरामराजा लोक’ जैसे भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि मंदसौर में ‘भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसर’ का कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा चुका है। साथ ही भोपाल में ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक’, जानापाव में ‘भगवान परशुराम लोक’ और महेश्वर में ‘देवी अहिल्या संग्रहालय’ जैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।