बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपित को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी सशर्त जमानत

मुंबई, 09 फरवरी 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले के पहले आरोपित आकाशदीप सिंह को सोमवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सशर्त जमानत दे दी है। उच्च न्यायालय ने कहा कि इस जमानत का असर अन्य आरोपितों पर नहीं पड़ेगा।

न्यायाधीश नीला गोखले की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान आरोपित के वकील ने कहा कि आकाशदीप के खिलाफ ठोस सबूत नहीं है। सिर्फ एक आरोपित के साथ कॉल रिकॉर्ड का जिक्र है और वह भी हत्या से काफी पहले का है, जिसके कारण आरोपित का इस वारदात से सीधा संबंध नहीं बनता है। इसके बाद उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष से साफ तौर पर पूछा कि आकाशदीप की भूमिका क्या थी और उसके खिलाफ कौन-सा पुख्ता सबूत मौजूद है। उपलब्ध दस्तावेज और दलीलों को देखने के बाद उच्च न्यायालय ने माना कि फिलहाल जमानत देने से जांच पर असर नहीं पड़ेगा और इसी आधार पर आरोपित को जमानत दी गई।

पीठ ने साफ कहा कि आरोपित को जमानत दी जा रही है, लेकिन इसका असर बाकी आरोपितों की जमानत याचिकाओं पर नहीं पड़ेगा। उच्च न्यायालय ने जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। इनके तहत आरोपित को हर दूसरे सोमवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी। इसके अलावा वह ट्रायल कोर्ट की इजाजत के बिना राज्य से बाहर नहीं जा सकेगा और उसे अपना पासपोर्ट भी जमा करना होगा।

पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी को बांद्रा इलाके में 12 अक्टूबर, 2024 को गोली मार दी गई थी। बाबा सिद्दीकी की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। इस मामले में मुंबई पुलिस ने कुल 27 से ज्यादा आरोपितों को गिरफ्तार किया था। 21 साल के आकाशदीप सिंह को पंजाब से गिरफ्तार किया गया था और वह इस मामले में 24वां गिरफ्तार आरोपित था।