दिल्ली आबकारी घोटाला : ईडी की याचिका पर आरोपितों को जवाब देने का अंतिम मौका

नई दिल्ली, 02 अप्रैल 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश में जांच एजेंसी पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सभी आरोपितों को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को करने का आदेश दिया।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने सभी आरोपितों को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया है।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की। तब ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि इस मामले में जवाब देने की कोई जरुरत नहीं है। तब कोर्ट ने कहा कि आरोपितों की ओर से जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। अगर जवाब दाखिल नहीं किया तो जवाब दाखिल करने का अधिकार खत्म कर दिया जाएगा। 22 अप्रैल को दलीलें सुनी जाएंगी।

कोर्ट ने 10 मार्च को ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि जांच एजेंसी के खिलाफ सामान्य टिप्पणी की गई है।

इसके पहले 9 मार्च को कोर्ट ने सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया है कि वो दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की आगे सुनवाई नहीं करें। इस आदेश के बाद ईडी ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

9 मार्च को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि ये दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को कानूनों के मुताबिक गलत बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। 27 फरवरी को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पेन्नों के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। केजरीवाल 13 सितंबर 2024 को तब रिहा हुए जब उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के मामले में जमानत दी।

ईडी ने 21 मार्च 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई 2024 को उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून 2024 तक की अंतरिम जमानत दी थी, जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून 2024 को आत्मसमर्पण किया था। केजरीवाल को 26 जून 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें बीआरएस नेता के कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपित बनाया गया। कोर्ट ने 29 मई को छठी पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 27 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने के. कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। उच्चतम न्यायालय ने 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।