होर्मुज जलडमरूमध्य से एलपीजी का आयात प्रभावित, देश में हालात सामान्यः केंद्र

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 

पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल और एलपीजी का आयात प्रभावित हुआ है लेकिन भारत सरकार का प्रयास है कि देश के लोगों को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े। देश में ऊर्जा आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी मंत्रालय समन्वित प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है, विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और पोर्ट्स एवं शिपिंग मंत्रालय ने कहा कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने यहां राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में रोजाना पत्रकार वार्ता में गुरुवार को कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल और एलपीजी आयात प्रभावित है लेकिन भारत सरकार का प्रयास है कि आम लोगों को न्यूनतम परेशानी हो। उनके मुताबिक बुधवार को 52 लाख से अधिक घरों को एलपीजी की सप्लाई की गई है। सिलेंडरों की बुकिंग अब 44-45 लाख रोजाना हो रही है। उन्होंने बताया कि 94 प्रतिशत सिलेंडरों की डिलीवरी अथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के साथ की जा रही है, जिससे डायवर्जन रोकने में मदद मिल रही है। कमर्शियल एलपीजी की बिक्री अप्रैल की शुरुआत से अब तक 1.40 लाख टन रही है।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर महाजन ने कहा कि खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष नियंत्रण कक्ष संचालित है और मिशन 24×7 हेल्पलाइन चला रहे हैं। अब तक 12 लाख से अधिक यात्री 28 फरवरी से भारत लौट चुके हैं। यूएई, सऊदी अरब, ओमान और बहरीन से अतिरिक्त उड़ानें चलाई जा रही हैं। कुछ हवाई मार्ग बंद होने के बावजूद वैकल्पिक रास्ते ईरान, आर्मेनिया और अज़रबैजान के जरिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। महानिदेशालय शिपिंग के माध्यम से अब तक 2,680 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 65 नाविक शामिल हैं। भारत के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और कहीं भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है।