सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपित दोषी करार, 27 जून को सजा पर होगी सुनवाई

रांची, 22 जून 

रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में पॉक्सो की विशेष अदालत ने सोमवार को आरोपित सुशील उरांव को दोषी करार दिया। अदालत ने मामले में दोष सिद्ध होने के बाद सजा के निर्धारण के लिए 27 जून की तिथि निर्धारित की है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 17 अप्रैल 2024 की है। दोनों नाबालिग मौसेरी बहनें चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार गांव में लगने वाला मेला देखने गई थीं। उनके साथ दो नाबालिग लड़के भी मौजूद थे। मेला समाप्त होने के बाद चारों एक ही मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे।

इसी दौरान दोनों नाबालिग आरोपित, लड़कियों को बहाने से अपने घर ले गए। पीड़िताओं ने घर छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपितों ने कुछ देर बाद घर पहुंचाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों नाबालिग आरोपितों ने जबरन दोनों पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म किया।

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब आरोपितों ने अपने मित्र सुशील उरांव को भी वहां बुला लिया। अभियोजन के अनुसार सुशील उरांव ने भी एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद एक पीड़िता किसी तरह आरोपितों के चंगुल से निकलकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। दूसरी पीड़िता को बाद में बीजूपाड़ा-खलारी मार्ग के समीप स्थित जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया, जहां आरोपित उसे सुबह के समय मोटरसाइकिल से छोड़कर फरार हो गए थे।

पीड़िताओं के परिजनों की शिकायत पर मांडर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर पॉक्सो की विशेष अदालत ने सुशील उरांव को दोषी ठहराया।

अब अदालत 27 जून को दोषी की सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। मामले को लेकर पीड़ित परिवार न्यायालय के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है। वहीं अभियोजन पक्ष ने दोषी को कठोर सजा दिए जाने की मांग की है।