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एकनाथ शिंदे के सामने शिवसेना में शामिल हुए कांग्रेस के बागी विधायक राजेन्द्र गुढ़ा
झुंझुनू में राजेन्द्र गुढ़ा की जनसभा में शामिल हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
राजस्थान में कानून-व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए: एकनाथ शिंदे
झुंझुनू, 9 सितंबर
अपने बयानों के चलते अक्सर विवादों में रहने वाले पूर्व मंत्री व उदयपुरवाटी से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना में शामिल हो गये। राजेन्द्र गुढ़ा वर्ष 2018 में बसपा के टिकट पर उदयपुरवाटी विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद बसपा के सभी छह बसपा विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने एक साल पहले यहीं पर कहा था कि गुढ़ा के कारण मैं मुख्यमंत्री हूं, फिर उन्हीं को बर्खास्त कर दिया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि गहलोत ने जो किया, उसका जवाब जनता देगी। गुढ़ा ने क्या गलती की। सच्चाई का साथ देना गुनाह है क्या? गुढ़ा ने राजस्थान में कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की ही तो आवाज उठाई थी। शिंदे ने कहा कि गुढ़ा ने मंत्री पद छोड़ा, सच्चाई नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि राजेंद्र गुढ़ा का शिवसेना में स्वागत है। राजस्थान की वीरता और महाराष्ट्र की वीरता का मिलन सुखद है। गुढ़ा जब भी महाराष्ट्र आते थे तो वहां रह रहे राजस्थानियों की चिंता करते थे। महाराष्ट्र में रहने वाले हर राजस्थानी का हम ध्यान रखेंगे।
शिंदे ने कहा कि आपकी तरह ही मैंने भी मंत्री पद छोड़ा था। मैंने बाला साहेब के विचारों-आदर्शों के लिए मंत्री पद छोड़ा था। राजेंद्र गुढ़ा ने सचाई के लिए मंत्री पद छोड़ा। राजस्थान में कानून-व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। राजस्थान का विकास होना चाहिए।
दरअसल, विधायक गुढ़ा ने शनिवार को झुंझुनू जिले के गांव गुडा में अपने पुत्र शिवम गुढ़ा के जन्मदिन पर एक जनसभा का आयोजन किया था। इस जनसभा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विशेष रूप से शामिल हुए थे। सभा में शिंदे ने गुढ़ा को शिवसेना का दुपट्टा पहनाकर उनके शिवसेना में शामिल करने की घोषणा की। गुढ़ा इससे पहले बसपा और कांग्रेस में भी रह चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि बसपा से कांग्रेस में आने वाले विधायक गुढ़ा ने मंत्री पद पर रहते हुए जुलाई में विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। एक मंत्री के अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने से कांग्रेस की विधानसभा में असहज स्थिति बन गई थी। यह मुद्दा उठाने के बाद गुढ़ा को उसी दिन देर शाम मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था। मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद गुढ़ा ने विधानसभा में लाल डायरी लहराकर नया विवाद छेड़ दिया था। राजेंद्र ने विधानसभा में लाल डायरी लहराकर दावा किया था कि यह डायरी आरटीडीसी अध्यक्ष धमेंद्र सिंह राठौड़ के घर पड़े इनकम टैक्स छापों से पहले लाई गई थी। गुढ़ा ने लाल डायरी को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ लगातार मोर्चा खोल रखा है। गुढ़ा के शिवसेना में शामिल होने की अटकलें दो-चार दिन पहले से ही तेज हो गई थीं। शिवसेना (शिंदे गुट) के राजस्थान प्रांत प्रभारी चंद्रराज सिंघवी ने पोस्ट भी शेयर की थी।

