पटना, 25 अगस्त 2025: आज राजधानी पटना में शहरी बिजली आपूर्ति को आधुनिक, सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 328.52 करोड़ रुपए की लागत से विद्युत आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का कार्यारंभ किया। इस परियोजना का उद्देश्य व्यापक स्तर पर अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे शहर का सौंदर्य बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इस दौरान माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी विशिष्ट अथिति के रूप में शामिल हुए वही कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने की। ऊर्जा सचिव एवं सीएमडी बीएसपीएचसीएल श्री मनोज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय ऊर्जा मंत्री ने 125 यूनिट निःशुल्क बिजली के लाभार्थियों को उनका बिल सौंपा।
परियोजना के तहत अगले 24 महीनों में राजधानी पटना में बड़े पैमाने पर कार्य किए जाएंगे। इसमें 4 नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों का निर्माण, 94 किमी 33 केवी एवं 115 किमी 11 केवी लाइन को अंडरग्राउंड केबल से भूमिगत करना, 201 किमी लाइन को 11 केवी कवरड कंडक्टर से बदलना, 33 केवी के 22 तथा 11 केवी के 221 आरएमयू की स्थापना और 990 केवीए क्षमता के कुल 61 कॉम्पैक्ट ट्रांसफॉर्मर लगाना शामिल है। साथ ही, 124 किमी एलटी लाइन को एलटी एबी केबल से और 102 किमी एलटी लाइन को अंडरग्राउंड केबल व पिलर सिस्टम से बदला जाएगा।

इस परियोजना से आंधी-तूफान और बरसात के मौसम में बिजली बाधित होने की संभावना में कमी आएगी, बढ़ते लोड की मांग को पूरा करने की क्षमता बढ़ेगी, फीडर की लंबाई कम होने से ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की घटनाओं में कमी आएगी तथा मरम्मत का कार्य और तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा वोल्टेज फ्लक्चुएशन में कमी, विद्युत तारों से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी और आरएमयू के माध्यम से खराब हिस्से को अलग कर शेष क्षेत्र की आपूर्ति शीघ्र बहाल करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
माननीय ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह परियोजना प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ऊर्जा सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद पटना शहर की बिजली आपूर्ति पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होगी। अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था से जहां खराबी या ट्रिपिंग की संभावना काफी कम होगी, वहीं आपूर्ति बहाल करना भी और आसान होगा। यह कदम शहरी बिजली ढांचे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अगले चरण में पटना में ही 568.22 करोड़ रुपए की लागत से 890 किमी से अधिक अंडरग्राउंड केबलिंग, लगभग 881 किमी कवर्ड वायर रिकॉनडक्टरिंग तथा पेसू क्षेत्र में स्काडा प्रणाली की शुरुआत की जाएगी।
उक्त कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव श्री कुमार रवि, प्रमंडलीय आयुक्त डॉ चंद्रशेखर सिंह एवं पटना जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम भी उपस्थित थे।

