अररिया, 03 फरवरी
अररिया एडीजे षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉस्को कोर्ट ने कोचिंग संचालक अमित कुमार अमन को दस साल की सश्रम कारावास के साथ 90 हजार रूपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।अमित कुमार अमन को आधार कार्ड में त्रुटि बताकर रानीगंज ले जाकर नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का दोषी करार दिया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पोस्को कोर्ट अजय कुमार की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। मामला कोंचिग संस्थान चलाने वाले बौसी थाना क्षेत्र के बसेटी मझुआ वार्ड संख्या चार के रहने वाले 30 वर्षीय अमित कुमार अमन पिता राजकिशोर ऋषिदेव से जुड़ा है। न्यायालय ने आरोपी को विशेष पोस्को वाद संख्या 7/2024 में सजा सुनाई,जो अररिया महिला थाना कांड संख्या 28/2023 से संबंधित है और इसके सूचक स्वयं पीड़िता है।
न्यायालय ने भादवि की धारा 376 में आरोपी को दस साल और 50 हजार रुपये के अर्थ दंड,इन्फॉर्मेशन ऑफ टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 में तीन साल और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड और इन्फॉर्मेशन ऑफ टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67(ए)में तीन साल और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।
घटना 7 जुलाई 2023 की है,जब पीड़िता कोचिंग संस्थान में पढ़ने के लिए गई तो आरोपी अमित कुमार अमन ने उसके आधार कार्ड में त्रुटि बताया।आधार कार्ड में त्रुटि में सुधार को लेकर पीड़िता को अपने साथ रानीगंज ले गया।जहां अपने दोस्त सोनू कुमार के किराया के मकान में ले जाकर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।पीड़िता नाबालिग है।
न्यायालय ने पीड़िता को विक्टिम कंपनसेशन एक्ट के तहत तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश अपने निर्णय में दिया है।
सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉस्को अधिनियम श्याम लाल यादव और आरोपी की ओर से अधिवक्ता अजित राय ने न्यायालय के समक्ष मामले को लेकर अपनी-अपनी दलीलें दी।दोनों पक्षो को सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी को सजा सुनाई।

