TAASIR :– S M HASSAN 07 MARCH
भोपाल : 6 मार्च, 2026
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, न्याय की सुनिश्चितता और ठोस कार्यवाही ही महिला सशक्तिकरण की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने महिला दिवस, होली और रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।
कार्यक्रम में न्याय चौपाल, मानसिक स्वास्थ्य तथा साइबर वेलबीइंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। सत्र में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री सुश्री भूरिया ने महिला आयोग और सहयोगी संस्थाओं द्वारा “महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्यवाही” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समाज की अशासकीय संस्थाएं और जागरूक नागरिक छोटे-छोटे प्रयासों से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत बनाते हैं।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान ने बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, महिला पुलिस यूनिट और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रयास महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत बना रहे हैं।

