रांची, 20 अप्रैल
झारखंड उच्च न्यायालय ने आईएसआईएस आतंकी संगठन के समर्थक ओमर बहादुर उर्फ राहुल सेन की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपित के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उसका नाम आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। एनआईए के अनुसार, ओमर बहादुर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने और अन्य लोगों को इस संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का आरोप है।
इस मामले में एनआईए ने आरसी 2/23/एनआईए/आरएनसी के तहत केस दर्ज किया है। निचली अदालत में इस केस की सुनवाई के दौरान अब तक 39 गवाहों की गवाही हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि ओमर बहादुर उर्फ राहुल सेन को पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने बाइक चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसका नाम तब सामने आया जब एनआईए लोहरदगा निवासी फैजल अंसारी से जुड़े मामले की जांच कर रही थी। फैजल अंसारी पर भी आईएसआईएस से संबंध रखने और लोगों को संगठन से जोड़ने के आरोप हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, फैजल अंसारी के विभिन्न बैंकों में कई खाते थे, जिनका उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। उसकी जमानत याचिका भी झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा दो बार खारिज की जा चुकी है।

