पूर्वी सिंहभूम, 22 अप्रैल
शहर इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान 42- 43 डिग्री पहुंच रहा है। हालत यह है कि दोपहर 11 बजे के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकल रहे हैं, अन्यथा बाजार और सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि अत्यधिक जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और लू से बचाव के उपाय अपनाएं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कें लगभग खाली दिख रही हैं। बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है और दुकानदार भी गर्मी के कारण परेशान हैं। रिक्शा चालक, ठेला व्यवसायी और दिहाड़ी मजदूरों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें काम के लिए मजबूरी में धूप में निकलना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय कर रहे हैं। अधिकांश लोग हल्के और सूती कपड़े पहन रहे हैं, साथ ही सिर को गमछा या टोपी से ढककर बाहर निकल रहे हैं। पानी, नींबू पानी, छाछ, सत्तू और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सेवन बढ़ गया है। कई लोग धूप से बचने के लिए छाता का भी उपयोग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में पानी की कमी न होने दें, समय-समय पर तरल पदार्थ लेते रहें और खाली पेट धूप में निकलने से बचें। तेज धूप में अधिक समय तक रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
गर्मी और लू के इस दौर ने शहर की रफ्तार को धीमा कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी तापमान में राहत मिलने के आसार कम हैं, जिससे लोगों को अभी और सतर्क रहने की जरूरत है।

