कोलकाता, 13 अक्टूबर
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पुलिस नोटिस के खिलाफ अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर मामले की तत्काल सुनवाई की याचिका को खारिज कर दिया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि इस समय मामले की त्वरित सुनवाई संभव नहीं है।
इससे पहले, न्यायमूर्ति कृष्णा राव के इस मामले से हटने के बाद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर ही इस मामले को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में दायर करने की अनुमति मिली थी।
सुनवाई के दौरान अभिषेक ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही पूछताछ से जुड़ी गोपनीय जानकारी और पुलिस जांच के विभिन्न पहलू बार-बार मीडिया में ‘लीक’ हो रहे हैं। इस तरह के ‘मीडिया ट्रायल’ पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तत्काल कानूनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल इस पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि, रविवार को शेक्सपियर सरणी थाने के अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर जाकर उन्हें नोटिस सौंपा था। सोमवार सुबह उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन अभिषेक पेश नहीं हुए। उन्होंने पुलिस को ई-मेल कर बताया कि पूछताछ के लिए उन्हें कम से कम 48 घंटे का पूर्व नोटिस दिया जाना चाहिए। इसके बाद पुलिस ने दोबारा उनके आवास पर जाकर नया नोटिस सौंपा और उन्हें आगामी बुधवार को तलब किया है।
यह पूरा मामला कमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक के कार्यालय से एक होर्डिंग उतारे जाने को लेकर पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के साथ उनके समर्थकों की हाथापाई से जुड़ा है। इस घटना में पुलिस तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। कमैक स्ट्रीट मामले में अभिषेक को इससे पहले भी एक बार तलब किया गया था, और तब वे जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुए थे।

