देश में चीतों की संख्या 60 हुई, इनमें 41 का भारत में हुआ जन्म
भोपाल, 05 अक्टूबर
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में केन्द्र सरकार की चीता परियोजना में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय धरती पर जन्मी 32 माह की मादा चीता केजेपी-21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिसमें 41 भारतीय धरती पर जन्मे चीते शामिल हैं।
यह जानकारी सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा की है। उन्होंने मादा चीता के शावकों का एक वीडियो और फोटो भी शेयर किया है, साथ ही इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और गर्व का पल बताया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रोजेक्ट चीता से जुड़े वन्य अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, मैदानी अमले, प्रबंधन टीम तथा सभी सहयोगियों को बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि भारत में जन्मी मादा चीता केजेपी-21 ने कूनो नेशनल पार्क में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई है, जिसमें भारत में जन्मे 41 चीते शामिल हैं। पूरे प्रोजेक्ट चीता और कूनो टीम को बहुत-बहुत बधाई। यह भारत की चीता आबादी को फिर से बसाने और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम उपलब्धि है।
कूनो प्रबंधन के अनुसार, केजेपी 21 भारत में जन्मी और यहीं शावकों को जन्म देने वाली तीसरी मादा चीता है। इससे पहले मुखी और केजीपी 12 भी भारत में शावकों को जन्म दे चुकी हैं। कूनो में लगातार हो रहे चीता प्रजनन से देश में चीता आबादी बढ़ने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
भारत में बोत्सवाना वंशावली की हुई शुरूआत
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने बताया कि केजेपी-21 के पाँच शावकों का जन्म एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी लेकर आया है। इनके पिता बोत्स्वाना से लाया गया नर चीता है। इन शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरूआत हुई है। इससे देश में बढ़ती चीता आबादी में एक नई अनुवांशिक वंशावली का समावेश हुआ है। उन्होंने बताया कि भारतीय धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म प्रोजेक्ट चीता की उल्लेखनीय यात्रा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक और खुशी का पल! केजेपी 21, जो भारत में जन्मी 32 महीने की मादा चीता है, ने आज कूनो नेशनल पार्क में पांच स्वस्थ शावकों (बच्चों) को जन्म दिया है।
उन्होंने कहा कि मुखी और केजीपी 12 के बाद, केजेपी 21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है जिसने बच्चों को जन्म दिया है. यह भारत में चीता आबादी की अगली पीढ़ी के आने की दिशा में एक अहम पड़ाव है। इन पांच शावकों के आने के साथ, भारत में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई है, जिसमें भारत में जन्मे 41 चीते शामिल हैं।
केन्द्रीय मंत्री यादव ने कहा कि खास बात यह है कि ये शावक भारत में बोत्सवाना की वंशावली की शुरुआत भी करते हैं, क्योंकि इनके पिता बोत्सवाना के नर चीता हैं—इससे भारत की बढ़ती चीता आबादी में एक नई जेनेटिक वंशावली जुड़ रही है। भारतीय धरती पर एक और पीढ़ी का जन्म हुआ है, जो भारत में चीतों को फिर से बसाने की शानदार कहानी में एक और खूबसूरत अध्याय जोड़ रहा है। प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, मैनेजरों और सभी लोगों को दिल से बधाई; आपकी लगन, कमिटमेंट और अथक प्रयासों से ही ये पल मुमकिन हो पाए हैं। उन्होंने दुनिया में आए नन्हे-मुन्नों शावकों का स्वागत किया है।

